वाराणसी में महिला SI सहित एक अज्ञात पुलिसकर्मी पर FIR:युवक को फर्जी मामले में फंसाने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
वाराणसी के चोलापुर थाने पर महिला सब इन्स्पेक्टर (SI) और एक अज्ञात पुलिसकर्मी पर मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा एक महिला द्वारा न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 22 जुलाई की रात जबरदस्ती उसके घर मेघुसकर गाली-गलौज करते हुए उसके बेटे को ततकालीन चौकी इंचार्ज मुर्दहा संध्या जायसवाल और दो सिपाही उसके बेटे को घर से बिना किसी अपराध के ले गए। जिसकी शिकायत मैंने उसी समय आईजीआरएस पोर्टल पर की; लेकिन इन्होने मेरे बेटे की गिरफ्तार 23 जुलाई की भोर में दिखते हुए उसे कोर्ट में पेश कर फर्जी मुकदमें में जेल भेज दिया। इस प्रकरण में न्यायालय ने सब्मिट किए गए साक्ष्यों के आधार पर थाना चोलापुर को उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल और अज्ञात पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद यह मुकदमा दर्ज किया गया है। बिना किसी मुकदमें में घर में घुसकर की गिरफ्तारी न्यायलय को प्रार्थना पत्र देते हुए पीड़िता सुशीला देवी ने बताया - मै अनुसूचित जाति की महिला हूं और चोलापुर थानाक्षेत्र के दसनीपुर की रहने वाली हूं। 22 जुलाई 2026 रात करीब 3 बजे हम सभी परिवार के लोग घर में सो रहे थे। उसी समय उप निरीक्षक (SI) संध्या जायसवाल (चौकी इंचार्ज मुर्दहा) अपने दो सिपाहियों के साथ मेरे घर पहुंची और घर में घुसते ही मेरे लड़के का नाम लेकर गाली गलौज करने लगीं। और पुलिसकर्मियों से उसे नींद में ही उठावाते हुए उसे पकड़कर थाने लेकर चली गयी और मुझे भद्दी-भद्दी गालियां दी और जातिसूचक शब्द भी बोले। मैंने अपने अधिवक्ता को फोन कर बात कराई तो उनसे कहा की मुकदमा दर्ज हुआ है थाने आकर बात कीजिये। एक मुकदमें में दबाव के लिए की गयी कार्रवाई पीड़िता ने बताया - थाने पहुंचने पर मेरे बेटे का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद दोपहर में 1 बजे के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। और मेरे बेटे को 23 तारीख को जेल भेज दिया गया। जबकि उसका कोई अपराध नहीं था। सुशीला देवी ने बताया - मैंने एक बाद 29 जनवरी को न्यायालय में दर्ज कराया था। जिसमें भेलूपुर थाने क्षेत्र की निवासी अंजना कुमारी द्वारा मेरी और मेरे परिजनों की फोटो सोशल मीडिया पर एडिट कर डाली जा रही और मुझे बदनाम किया जा रहा है। इसपर कोर्ट ने एक मुकदमा दर्ज करवाया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसी मुकदमें में लाभ पहुंचाने और मुझपर दबाव बनाने के लिए उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल ने मेरे बेटे को झूठे मुकदमें में फंसाया है। ताकि अंजना कुमारी को लाभ दिया जा सके। ऐसे में मैंने को कोर्ट में सभी साक्ष्य के आधार पर प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा प्रभारी निरीक्षक चोलापुर साधुबन राम गौतम ने बताया - न्यायालय के निर्देश पर बीएनएस की धारा 127(2), 115 (2), 333, और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(घ) में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
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