वाराणसी में समूह संचालिकाओं का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन:बोलीं - पंचायत स्तर के सभी काम हम करते हैं और मानदेय मात्र 2 हजार

Sep 28, 2026 - 13:35
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वाराणसी में समूह संचालिकाओं का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन:बोलीं - पंचायत स्तर के सभी काम हम करते हैं और मानदेय मात्र 2 हजार
वाराणसी के जिला मुख्यालय पर सैकड़ों समूह संचालिकाओं (समहू सखी) ने सोमवार को बड़ा प्रदर्शन किया। समूह संचालिकाओं ने अपना मानदेय 2 हजार से 20 हजार करने की मांग उठाई। इस डीएम से मिलने की मांग पर अड़ीं महिलाओं को पुलिस ने जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट गेट पर रोक दिया। जिसके बाद महिलाएं गेट पर ही विरोध करने लगीं। जिससे पूरा गेट बंद हो गया और कलेक्ट्रेट में अंदर आना-जाना बंद हो गया। इस दौरान कचहरी पहुंचे अधिवक्ता परेशान दिखाई दिए। देखें प्रदर्शन की तीन तस्वीरें… मानदेय की मांग को लेकर पहुंची समूह सखी वाराणसी के 8 ब्लॉक की समूह सखी सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंची थीं। इस दौरान सभी ने जमकर नारेबाजी की। हरहुआ ब्लॉक से आयीं समूह सखी संजू पटेल ने बताया - हम लोगों ने पंचायत स्तर के सभी काम लिए जाते हैं। लेकिन महीने का मानदेय सिर्फ 2 हजार रुपए दिया जाता है। जो की बहुत कम है। हमारी मांग है कि सरकार हम सभी लोगों को 20 हजार रुपए का मानदेय दे। ताकि हम काम कर सकें। हमें मिले मोबाइल और मेडिकल लाभ अनीता देवी बड़ागांव ब्लॉक से आयीं थीं। उन्होंने कहा जो भी काम पंचायत स्तर का होगा। उसके लिए सीडीओ कार्यालय से ब्लॉक पर बताया जाएगा और वहां से हमें निर्देश देकर यह काम कराया जाएगा।दिन भर धूप में खून-पसीना बहाकर हम लोगों को काम करवाया जाता है। हम लोग बीमार भी पड़ते हैं। ऐसे में हम सभी को मेडिकल का लाभ मिलना चाहिये। इसके अलावा ज्यादातर काम मोबाइल का ऑनलाइन सब्मिशन का होता है। सरकार हम सभी लोगों को मोबाइल दे और उसमे नेट पैक भी करवाए। साथ ही मानदेय भी बढ़ना चाहिये। सभी काम हम करें और मानदेय सिर्फ 2 हजार अंजली काशी विद्यापीठ ब्लॉक से आयीं थीं। उन्होंने कहा हम लोगों से सिर्फ दो हजार में काम करवाया जा रहा है। आज के कलयुग में दो हजार में काम कैसे चलेगा। ये बात करने आज हम लीग डीएम साहब के पास आये हैं। उन्होंने आगे बताया - समूह सखी के पद पर रखा गया है। हम लोग ग्राम पंचायत में समूह बनाकर उसमें लोगों को जोड़ते हैं। उसका देखरेख करते हैं। बैंक में उसकी बचत जमा करते हैं। इसके अलावा सबका बैंक खता भी खुलवाते हैं। लेकिन मानदेय सिर्फ 2 हजार दिया जा रहा है। हम लोग अब काम नहीं करेंगे और इस्तीफा देंगे यदि 20 हजार मानदेय नहीं दिया गया। कभी एक साल तो कभी दो साल बाद मिलता है पैसा आकांक्षा दुबे ने बताया - हम लोगों को सरकार सिर्फ 2 हजार रुपए मानदेय देती है। वो भी सरकार समय से नहीं देती है। कभी एक साल में तो कभी 18 महीने में हम लोगों को मानदेय मिलता है। आज इसके विरोध में हम लोग यहां डीएम साहब से मिलने और उनको ज्ञापन देने आये हैं। इसके अलावा हमारे परसनल खाते में भी नहीं आता है। इसके अलावा हम लोगों को स्थायी कर दिया जाए और स्वास्थ्य बीमा भी दिया जाए।

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