विंध्य त्रिकोण बना शक्तिपीठ पर्यटन का प्रमुख केंद्र:2 साल में 60% बढ़े श्रद्धालु, मां विंध्यवासिनी, काली खोह और अष्टभुजा मंदिरों में पहुंचे 1.84 करोड़ भक्त
मिर्जापुर में विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों को जोड़ने वाला विंध्य त्रिकोण शक्तिपीठ पर्यटन की प्रमुख पहचान बन रहा है। वर्ष 2025 में तीनों मंदिरों में करीब 1.84 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, जबकि 2023 में यह संख्या लगभग 1.15 करोड़ थी। इस तरह दो साल में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मां विंध्यवासिनी धाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2023 में करीब 73 लाख, 2024 में 78.15 लाख और 2025 में लगभग 1.20 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जनवरी से अगस्त 2026 तक ही करीब 90 लाख श्रद्धालु मां के दरबार पहुंच चुके थे। शारदीय नवरात्र में भक्तों की आमद बढ़ने से सालाना आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। काली खोह और अष्टभुजा मंदिरों में भी बढ़े भक्त मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्ष 2023 में दोनों मंदिरों में करीब 42.36 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर लगभग 64 लाख हो गई। विंध्य त्रिकोण परिक्रमा के तहत श्रद्धालु तीनों देवी मंदिरों में दर्शन करते हैं। पहाड़ी मंदिरों तक पहुंचने के लिए रोपवे की सुविधा भी उपयोगी साबित हो रही है। 208.09 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम विंध्याचल में श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए करीब 208.09 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें संपर्क मार्ग, परिक्रमा पथ, मां की पैड़ी और मंदिर परिसर की सुविधाओं का विस्तार शामिल है। मां काली खोह क्षेत्र के विकास के लिए 35.50 करोड़ रुपये की परियोजना अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया तक पहुंची। धार्मिक टूर पैकेज से पर्यटन को बढ़ावा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विंध्याचल को विस्तारित शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने वाराणसी-विंध्याचल और लखनऊ-वाराणसी-विंध्याचल-प्रयागराज को जोड़ने वाले धार्मिक टूर पैकेज भी शुरू किए हैं। पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, प्रसाद, फूल-माला और खानपान से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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