विवि कर्मचारी के अपशब्द बोलने पर छात्र नेताओं में रोष:राज्यपाल से करेंगे शिकायत, NSUI करेगी आंदोलन
आगरा विश्वविद्यालय के कर्मचारी ने छात्र नेताओं को अपशब्द कहा। इससे छात्र नेताओं में रोष है। इसकी शिकायत NSUI के कार्यकर्ता राज्यपाल आनंदीवेन पटेल करेंगे। विवि की कुलाधिपति दो दिन 27 और 28 को आगरा दौरे पर रहेंगी। जहां राज्यपाल से मुलाकात कर सभी सबूतों के साथ हेल्प डेस्क कर्मचारी को हटाने की मांग करेंगे। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है, अगर विशाल दीप को हेल्प डेस्क से हटाया नहीं गया तो आंदोलन किया जाएगा। विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर छात्रों से डिग्री और मार्कशीट बनाने के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। NSUI छात्र नेता गौरव शर्मा ने कुलपति को ज्ञापन देकर हेल्प डेस्क कर्मी विशालदीप पर कार्रवाई की मांग की है। छात्र नेता ने बताया कि जब छात्र डिग्री-मार्कशीट के लिए ऑनलाइन आवेदन करता है तो सभी जरूरी कागजात अपलोड करता है। इसके बाद भी हेल्प डेस्क पर जाने पर कागजों में कमी बताकर पैसे वसूले जाते हैं। आरोप है कि टिकट बनाने के लिए छात्रों को विश्वविद्यालय के नजदीक स्थित एक साइबर कैफे पर भेजा जाता है, जो विशालदीप के परिचित का है। वहां छात्रों से पैसे लिए जाते हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि डिग्री और मार्कशीट देने से पहले छात्र-छात्राओं से अपनी तारीफ में वीडियो बनवाई जाती है। इसके बाद ही दस्तावेज दिए जाते हैं। बाद में उन वीडियो को विश्वविद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य ग्रुपों में डाल दिया जाता है। छात्र नेता ने सवाल उठाया है कि एआई के इस दौर में यदि किसी छात्रा की वीडियो से छेड़छाड़ हुई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार ओरिजिनल डिग्री केवल डाक के माध्यम से छात्र के पते पर भेजी जानी चाहिए, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर ओरिजिनल डिग्री सीधे जान-पहचान वाले छात्रों को हाथों-हाथ दी जा रही है। गौरव शर्मा ने बताया कि विशालदीप पर पहले भी पैसे के लेन-देन के आरोप लग चुके हैं। आरोप है कि पूर्व में विश्वविद्यालय की एक अस्थायी महिला कर्मचारी के मोबाइल नंबर से विश्वविद्यालय के खिलाफ सैकड़ों IGRS और RTI डाली गई थीं। नियमानुसार डाटा एंट्री ऑपरेटर पद पर तैनात कर्मचारी किसी विभाग का प्रभारी नहीं बन सकता, फिर भी कई वर्षों से विशालदीप को हेल्प डेस्क का प्रभारी बनाया हुआ है। NSUI ने मांग की है कि ऐसे दागी कर्मचारी को किसके आदेश पर बार-बार प्रभारी बनाया जा रहा है, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाए।
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