वक्फ संपत्ति विवाद में नया मोड़, कब्जे-निर्माण का आरोप:नादिर अली की संपत्तियों को लेकर विवाद गहराया, एमडीए-वक्फ बोर्ड की भूमिका पर उठे सवाल
मेरठ में नादिर अली एंड कंपनी की वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। नादिर अली और मोहम्मद इस्हाक से जुड़ी वक्फ संपत्ति के विवाद में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले फरहत मसूद ने नौचंदी क्षेत्र में विवादित जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराने का आरोप लगाया है। इस मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की भूमिका भी सवालों के घेरे में लाई गई है। विवाद अब केवल संपत्ति पर दावे और कब्जे तक सीमित नहीं है। संपत्ति के दस्तावेज, वक्फ के रूप में उसकी स्थिति, कथित निर्माण और संबंधित विभागों की कार्रवाई जैसे मुद्दे भी इसमें सामने आ गए हैं। हालांकि, नौचंदी की जमीन पर कब्जे और निर्माण संबंधी आरोपों पर विभाग जांच के बाद ही कुछ कहेगा। दरअसल, नादिर अली एंड कंपनी की संपत्तियों को लेकर पहले भी कब्जे और किराये से जुड़े विवाद सामने आते रहे हैं। विगत वर्ष अप्रैल, 2025 में कंपनी के मुतवल्ली फैज आफताब ने कई बेशकीमती संपत्तियों पर कब्जे और कुछ किरायेदारों द्वारा किराया नहीं देने की शिकायत की थी। अक्टूबर, 2026 में कंपनी के कार्यालय में घुसकर इस विवाद से जुड़े एक पक्ष मुतवल्ली पर संपत्ति अपने नाम कराने का दबाव बनाने और धमकी देने के कुछ लोगों पर आरोप भी लग चुके हैं। अब नौचंदी की जमीन को लेकर उठे नए सवालों ने विवाद का दायरा और बढ़ा दिया है। नादिर अली प्रकरण को सिलसिलेवार समझिए - नादिर अली और मोहम्मद इस्हाक द्वारा 28 अक्टूबर, 1941 को एक पंजीकृत वक्फ तैयार की गई। इसके तहत अनुसूची में दर्ज संपत्तियों से अर्जित आय का लाभ पत्नी और बच्चों को मिलेगा। - अप्रैल, 2025 में नादिर अली वक्फ के मुतवल्ली फैज आफताब ने दावा किया था कि कंपनी की कई संपत्तियों पर लोगों का कब्जा है और कुछ किरायेदारों ने संपत्तियां दूसरों को किराये पर दे रखी हैं। - सितंबर, 2026 में नादिर अली एंड कंपनी के कार्यालय में विवाद की घटना सामने आईं। दैनिक भास्कर के अनुसार, 9 सितंबर की घटना में मुतवल्ली फैज आफताब और कर्मचारियों के साथ अभद्रता तथा हमले के आरोप लगाए गए। इस मामले में सेल्स मैनेजर प्रदीप जोशी की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। - अब हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले फरहत मसूद ने नौचंदी क्षेत्र की विवादित जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण का आरोप लगाया है। - उन्होंने शिकायत के जरिए एमडीए और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। पूर्व से भी उठते रहे हैं संपत्ति पर सवाल नादिर अली एंड कंपनी की संपत्तियों को लेकर कब्जे, किराये और कथित धमकियों के विवाद पहले से सामने आते रहे हैं। नौचंदी की जमीन को लेकर फरहत मसूद के आरोप इस प्रकरण की एक नई कड़ी हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले याचिका, संबंधित भूखंड के दस्तावेज, विभागीय रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
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