महाअष्टमी पर शराब बंद, विसर्जन में डीजे पर भी रोक!

पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा 2026 के लिए कई नए नियमों की घोषणा की है। महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री बंद रहेगी, जबकि विसर्जन जुलूसों में डीजे बजाने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही रेड रोड का दुर्गा पूजा कार्निवल इस वर्ष आयोजित नहीं किया जाएगा।

Sep 07, 2026 - 20:20
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महाअष्टमी पर शराब बंद, विसर्जन में डीजे पर भी रोक!

दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 7 सितंबर 2026

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर इस बार कई नए नियम लागू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी और बार में भी शराब परोसे जाने की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने इस निर्णय को महाअष्टमी के धार्मिक महत्व से जोड़कर देखा है। यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल में महाअष्टमी के दिन राज्यव्यापी शराबबंदी की घोषणा की गई है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा को पुष्पांजलि अर्पित करते हैं, उस दिन शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहनी चाहिए। इस फैसले के बाद पूजा के दौरान शराब कारोबार पर एक दिन का पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

महाअष्टमी पर पूरी तरह बंद रहेंगी शराब की दुकानें

सरकार के फैसले के मुताबिक महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री करने वाली सभी दुकानें बंद रहेंगी। केवल दुकानें ही नहीं, बल्कि बार और मदिरालयों में भी शराब की बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी। यानी इस दिन पूरे राज्य में शराब से जुड़ी खुदरा बिक्री पर पूर्ण रोक रहेगी।यह फैसला दुर्गा पूजा के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक दिनों में से एक महाअष्टमी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार ने पूजा के धार्मिक स्वरूप और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए कई अन्य दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। पूजा समितियों से भी इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

विसर्जन जुलूस में डीजे पर पूरी रोक

दुर्गा पूजा के दौरान मूर्ति विसर्जन के जुलूसों में डीजे बजाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि विसर्जन प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जानी चाहिए। पूजा समितियों से जुलूस के दौरान नियमों का पालन करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने की अपील की गई है। सरकार ने पूजा समितियों से यह भी आग्रह किया है कि मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले पूरी कर ली जाए। इसका उद्देश्य अगले धार्मिक त्योहार के दौरान किसी तरह की भीड़, यातायात समस्या या प्रशासनिक परेशानी से बचना है। विसर्जन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

पूजा की थीम में धार्मिक भावनाओं का रखा जाएगा ध्यान

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों से कहा है कि मूर्ति, पंडाल और पूजा की थीम तैयार करते समय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान किया जाए। ऐसी किसी भी प्रस्तुति से बचने को कहा गया है जिससे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। सरकार ने पूजा के दौरान परंपरा और धार्मिक गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि रचनात्मक और विषय आधारित पूजा की अनुमति रहेगी, लेकिन आयोजकों को विषय चुनते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। पूजा पंडालों और कार्यक्रमों को लेकर प्रशासन की निगरानी भी बढ़ाई जा सकती है। इससे इस वर्ष दुर्गा पूजा के आयोजन का स्वरूप पिछले वर्षों की तुलना में कुछ अलग दिखाई दे सकता है।

पूजा समितियों को मिलेगा एक लाख रुपये का अनुदान

सरकार ने पूजा समितियों के लिए एक लाख रुपये तक के सरकारी अनुदान की व्यवस्था भी घोषित की है। हालांकि सरकार का कहना है कि आर्थिक रूप से सक्षम और बड़े बजट वाली पूजा समितियों को सरकारी सहायता लेने से बचना चाहिए। इसका उद्देश्य सीमित संसाधनों वाले पूजा आयोजकों को सहायता देना है।शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले कई पूजा समितियां चंदे के माध्यम से आयोजन करती थीं, लेकिन अब सरकारी सहायता पर निर्भरता बढ़ने लगी है। इसी वजह से सरकार जरूरतमंद पूजा समितियों पर अधिक ध्यान देना चाहती है। आर्थिक रूप से मजबूत समितियों से सरकारी धन का इस्तेमाल न करने की अपील की गई है।

इस साल नहीं होगा दुर्गा पूजा कार्निवल

पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होने वाले प्रसिद्ध दुर्गा पूजा कार्निवल को इस वर्ष नहीं कराने का फैसला भी किया है। यह आयोजन दुर्गा पूजा के बाद प्रमुख पूजा समितियों की प्रतिमाओं और भव्य प्रस्तुतियों के प्रदर्शन के लिए जाना जाता था। इस परंपरा को बंद करना इस वर्ष पूजा समारोह में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। रेड रोड का दुर्गा पूजा कार्निवल पिछले कई वर्षों से कोलकाता के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल रहा है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते थे और कई प्रमुख पूजा समितियां अपनी प्रतिमाओं के साथ हिस्सा लेती थीं। सरकार के नए फैसले के बाद इस आयोजन को लेकर इस वर्ष अलग व्यवस्था देखने को मिलेगी।

विसर्जन और यातायात को लेकर भी दिशा-निर्देश

सरकार ने विसर्जन प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूजा समितियों से समयसीमा का पालन करने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार विसर्जन पूरा करने को कहा गया है। प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को पूजा आयोजन या जुलूस के कारण बाधित न करने की हिदायत भी दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य पूजा के दौरान आम लोगों की आवाजाही को प्रभावित होने से बचाना है। बड़े जुलूसों और विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पूजा समितियों को आयोजन की योजना बनाते समय प्रशासनिक नियमों का ध्यान रखना होगा।

सरकार के फैसले से क्या बदलेगा

महाअष्टमी पर शराबबंदी और विसर्जन जुलूस में डीजे पर रोक के फैसले का सीधा असर दुर्गा पूजा के आयोजन पर पड़ेगा। शराब बिक्री बंद रहने से इस दिन राज्यभर में मदिरा कारोबार पूरी तरह ठप रहेगा। वहीं डीजे पर रोक से विसर्जन जुलूसों का स्वरूप भी पहले की तुलना में अधिक शांत और पारंपरिक हो सकता है।सरकार की ओर से इन फैसलों को धार्मिक गरिमा, सार्वजनिक व्यवस्था और शांतिपूर्ण उत्सव से जोड़कर पेश किया गया है। पूजा समितियों को नियमों का पालन करने और आयोजन के दौरान किसी भी तरह के विवाद से बचने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में इन नियमों को लागू कराने के लिए प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

इस बार दुर्गा पूजा में क्या-क्या रहेगा अलग

इस वर्ष पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूर्ण रोक, विसर्जन जुलूसों में डीजे पर प्रतिबंध और रेड रोड के कार्निवल को नहीं कराने का निर्णय इनमें प्रमुख हैं। इसके साथ ही पूजा की थीम, विसर्जन की समयसीमा और सड़क उपयोग को लेकर भी नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। सरकार का कहना है कि दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख पर्व है, इसलिए आयोजन में इन दोनों बातों का सम्मान होना चाहिए। पूजा समितियों को प्रशासन के निर्देशों के अनुसार तैयारी करने को कहा गया है। अब देखना होगा कि राज्यभर में इन नए नियमों को किस तरह लागू किया जाता है।

महत्वपूर्ण बिंदु

महाअष्टमी के दिन पश्चिम बंगाल में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। शराब की दुकानों के साथ-साथ बार में भी शराब बेचने या परोसने पर रोक रहेगी। विसर्जन जुलूसों में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। पूजा समितियों से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और विसर्जन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने को कहा गया है। सरकार ने जरूरतमंद पूजा समितियों को एक लाख रुपये तक सहायता देने की बात कही है। बड़े और आर्थिक रूप से सक्षम आयोजकों से सरकारी सहायता नहीं लेने की अपील की गई है। कोलकाता के रेड रोड पर होने वाला दुर्गा पूजा कार्निवल इस वर्ष नहीं होगा। इन फैसलों से इस साल बंगाल की दुर्गा पूजा की व्यवस्था और स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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