नए गैस कनेक्शन के लिए अभी और करना होगा इंतजार!

देश में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर बनी स्थिति के बीच नए कनेक्शन लेने वालों का इंतजार बढ़ सकता है। सरकार फिलहाल मौजूदा उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने पर ध्यान दे रही है। घरेलू उत्पादन बढ़ाने और गैस का भंडार मजबूत करने की तैयारी के बीच आपूर्ति सामान्य होने के बाद ही नए कनेक्शन शुरू करने पर फैसला हो सकता है।

Sep 07, 2026 - 20:04
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नए गैस कनेक्शन के लिए अभी और करना होगा इंतजार!

दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 7 सितंबर 2026

देश में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर परेशानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण बाहर से आने वाली गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता उन परिवारों तक नियमित रूप से गैस पहुंचाना है, जिनके पास पहले से कनेक्शन मौजूद है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों को इसलिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नए रसोई गैस कनेक्शन तभी दोबारा शुरू किए जाएंगे, जब देश में गैस की आपूर्ति की स्थिति बेहतर हो जाएगी। फिलहाल नए कनेक्शन शुरू करने की कोई तत्काल योजना नहीं बताई गई है। सरकार उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल मौजूदा उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने के लिए करना चाहती है।

मार्च से नए कनेक्शन पर रोक

सरकार ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बीच मार्च 2026 की शुरुआत में नए रसोई गैस कनेक्शन जारी करने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई। इसी वजह से नए उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने के बजाय मौजूदा उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति देना प्राथमिकता बन गया।नए कनेक्शन पर लगी रोक का असर उन परिवारों पर पड़ा है, जो पहली बार रसोई गैस की सुविधा लेना चाहते हैं। फिलहाल सरकार की ओर से यह स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई है कि नए कनेक्शन कब से फिर शुरू होंगे। इसका फैसला देश में गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के बाद ही होने की संभावना है।

पाइप वाली गैस को बढ़ावा देने की तैयारी

नए रसोई गैस कनेक्शन पर रोक के बीच सरकार पाइप के जरिए घरों तक पहुंचने वाली गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है। जिन शहरों और क्षेत्रों में पाइप वाली गैस की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोगों को इस विकल्प की ओर आकर्षित किया जा सकता है। इससे सिलेंडर आधारित आपूर्ति पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।हालांकि पाइप वाली गैस की सुविधा अभी देश के हर इलाके में उपलब्ध नहीं है। बड़े शहरों और चुनिंदा क्षेत्रों में इसका नेटवर्क अधिक विकसित है, जबकि ग्रामीण और छोटे शहरों में सिलेंडर पर निर्भरता ज्यादा है। इसलिए फिलहाल मौजूदा सिलेंडर उपभोक्ताओं की आपूर्ति बनाए रखना सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती है।

घरेलू गैस की उपलब्धता के लिए सरकार की बड़ी तैयारी

सरकार ने घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए देश के भीतर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 13 अगस्त को 21 रिफाइनरियों और तेल-गैस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए उत्पादन का लक्ष्य तय किया था। इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर गैस की उपलब्धता मजबूत करना है।इन कंपनियों की कुल उत्पादन क्षमता करीब 63,810 टन प्रतिदिन बताई गई है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के घरेलू रसोई गैस उत्पादन से दोगुने से भी अधिक है। साथ ही यह देश की रोजाना रसोई गैस खपत का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा करने की क्षमता रखता है।

विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करने की कोशिश

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण विदेशी स्रोतों से आने वाली रसोई गैस की आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में सरकार घरेलू उत्पादन और भंडारण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। संकट की स्थिति में देश के मौजूदा उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराना इस तैयारी का प्रमुख उद्देश्य है।सरकार चाहती है कि अचानक अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने पर घरेलू बाजार में गैस की कमी न हो। इसके लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ उपलब्ध भंडार को भी रणनीतिक तरीके से इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है। यही वजह है कि फिलहाल नए कनेक्शन शुरू करने के बजाय मौजूदा उपभोक्ताओं की जरूरत को प्राथमिकता दी जा रही है।

वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी

गैस आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के बीच 1 सितंबर को 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई। वाणिज्यिक सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। कीमत में बदलाव का सीधा असर इन कारोबारों की लागत पर पड़ सकता है।घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत व्यवस्था अलग होती है। सरकार का ध्यान इस समय घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराने पर ज्यादा है। इसलिए आपूर्ति संकट के बीच घरेलू जरूरतों को सुरक्षित रखना सबसे अहम माना जा रहा है।

नए कनेक्शन के लिए कब तक करना होगा इंतजार

फिलहाल नए रसोई गैस कनेक्शन दोबारा शुरू होने की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से संकेत है कि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होने के बाद ही इस सुविधा को बहाल किया जाएगा। इसका मतलब है कि नए कनेक्शन की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों को अभी कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है।यदि घरेलू उत्पादन बढ़ता है और विदेश से आने वाली गैस की आपूर्ति सामान्य होती है, तो नए कनेक्शन शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है। लेकिन पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए सरकार फिलहाल किसी जल्दबाजी के मूड में नहीं है।

आम उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर

मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए सरकार की प्राथमिकता नियमित गैस आपूर्ति बनाए रखना है। इससे पहले से कनेक्शन रखने वाले परिवारों को आपूर्ति संकट के दौरान राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं पहली बार गैस कनेक्शन लेने की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए इंतजार की अवधि बढ़ सकती है।ग्रामीण और छोटे शहरों में इसका असर अधिक महसूस हो सकता है, क्योंकि कई परिवार खाना पकाने के लिए रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं। ऐसे में नए कनेक्शन की सुविधा बहाल होने तक लोगों को उपलब्ध वैकल्पिक ईंधन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। सरकार के अगले फैसले पर ऐसे परिवारों की नजर बनी हुई है।

आगे सरकार का क्या रुख रहेगा

सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती घरेलू रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है। घरेलू उत्पादन बढ़ाने, भंडार मजबूत करने और मौजूदा उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में सुधार होने के बाद ही नए कनेक्शन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था पर वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर पड़ रहा है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, नए कनेक्शन लेने वालों का इंतजार लंबा हो सकता है। अब सबकी नजर सरकार के अगले फैसले और गैस आपूर्ति में होने वाले सुधार पर है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • मार्च 2026 से नए रसोई गैस कनेक्शन पर रोक जारी है।
  • सरकार पहले मौजूदा उपभोक्ताओं की गैस जरूरत पूरी करना चाहती है।
  • आपूर्ति बेहतर होने के बाद नए कनेक्शन शुरू किए जा सकते हैं।
  • 21 रिफाइनरियों और तेल-गैस क्षेत्र की कंपनियों के लिए उत्पादन लक्ष्य तय किया गया है।
  • घरेलू उत्पादन बढ़ाकर विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है।
  • पाइप के जरिए घरों तक पहुंचने वाली गैस को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

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