यासिर की हालत बिगड़ी, एएमयू में उग्र प्रदर्शन:शुगर 67 और BP 92/64;मेडिकल टीम एंबुलेंस लेकर पहुंची, अस्पताल में भर्ती होने से यासिर ने किया इनकार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्र यूनियन बहाली और छात्र नेता यासिर फहाद के निलंबन की वापसी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को और उग्र हो गया। 17वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे यासिर की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने की मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में उनका ब्लड शुगर 67 mg/dl, ब्लड प्रेशर 92/64 mmHg और डिहाइड्रेशन की शिकायत दर्ज की गई है। इसके बावजूद डक पॉइंट पर धरना, प्रदर्शन, हंगामा और नारेबाजी लगातार जारी है।
बुधवार सुबह जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्वास्थ्य टीम एंबुलेंस लेकर धरनास्थल पहुंची। डॉक्टरों ने यासिर को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी और मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाई, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने एंबुलेंस को धरनास्थल पर ही खड़ा कर वहीं उपचार करने का प्रस्ताव दिया। यह विकल्प भी यासिर और उनके साथियों ने ठुकरा दिया। इसके बाद मेडिकल टीम एंबुलेंस समेत वापस लौट गई।
मेडिकल रिपोर्ट में बिगड़ती स्थिति
जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ने धरनास्थल पर यासिर की जांच की। रिपोर्ट में डिहाइड्रेशन और सामान्य स्थिति बिगड़ने की बात कही गई है। सुबह ब्लड शुगर 67 mg/dl और बीपी 92/64 mmHg दर्ज किया गया। ड्यूटी डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। लगातार काउंसलिंग के बावजूद यासिर ने इनकार कर दिया। चिकित्सा अधीक्षक ने प्रॉक्टर से यासिर को जेएनएमसीएच में स्थानांतरित कराने और जल्द आपातकालीन पोषण दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया है।
एंबुलेंस यहीं खड़ी करने का प्रस्ताव भी ठुकराया
स्वास्थ्य टीम ने यासिर को अस्पताल ले जाने के बजाय धरनास्थल पर ही इलाज का विकल्प दिया। टीम ने कहा कि एंबुलेंस यहीं खड़ी रहेगी, यासिर को कहीं नहीं ले जाया जाएगा और एंबुलेंस में ही उपचार किया जा सकता है। छात्रों से यह भी कहा गया कि वे एंबुलेंस को अपने घेरे में रख सकते हैं। इसके बावजूद यासिर और उनके साथियों ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। मेडिकल टीम को वापस लौटना पड़ा। इधर डक पॉइंट पर यासिर की भूख हड़ताल और छात्रों का धरना जारी है।
अब्दुल्ला कॉलेज के दोनों गेट रातभर से बंद, अंदर से छात्राओं ने लगाए ताले
यासिर को मंगलवार रात धरनास्थल से हटाने की कोशिश के विरोध में डक पॉइंट पर पूरी रात जबरदस्त प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। इसका असर अब्दुल्ला कॉलेज में भी दिखाई दिया। कॉलेज के दोनों गेट रातभर से बंद हैं और बुधवार को दिनभर भी नहीं खुले। अंदर मौजूद छात्राओं ने दोनों गेटों पर अंदर से ताले डाल दिए हैं। इसके चलते कॉलेज में अंदर-बाहर किसी का प्रवेश नहीं हो पा रहा है। न छात्राएं बाहर निकल पा रही हैं और न ही किसी को अंदर जाने दिया जा रहा है। गेट बंद होने के कारण बुधवार को अब्दुल्ला कॉलेज की कक्षाएं भी पूरी तरह बंद रहीं। कॉलेज के अंदर छात्राओं का प्रदर्शन और नारेबाजी भी जारी है। इस तरह रातभर से लेकर बुधवार तक अब्दुल्ला कॉलेज में शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही।
सुबह 10 बजे एएमयू के दोनों मुख्य गेट बंद
अब्दुल्ला कॉलेज के गेट बंद रहने के बीच बुधवार सुबह करीब 10 बजे एएमयू के बाब-ए-सैयद और सैंचुरी गेट भी बंद कर दिए गए। बड़ी संख्या में छात्र कैंपस के अंदर मौजूद हैं और दोनों गेट बंद होने के बाद अंदर प्रदर्शन और नारेबाजी तेज हो गई। कैंपस में अलग-अलग स्थानों पर छात्रों का विरोध जारी है। डक पॉइंट पर धरना, अब्दुल्ला कॉलेज में तालाबंदी और दोनों मुख्य गेटों का बंद होना एएमयू में बने गंभीर गतिरोध को दिखा रहा है।
प्रॉक्टर ने समझाया, छात्र बोले-वीसी आएं तभी खत्म होगा आंदोलन
प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनकी मांग है कि कुलपति स्वयं धरनास्थल पर आएं और एएमयू स्टूडेंट यूनियन की बहाली तथा यासिर फहाद के निलंबन की वापसी पर स्पष्ट घोषणा करें। छात्रों का कहना है कि दोनों मांगें पूरी होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।
सर सैयद डे की तैयारियों के बीच प्रशासन की बढ़ी चिंता
एएमयू में 17 अक्टूबर को सर सैयद डे का आयोजन होना है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन तैयारियों में जुटा है। कैंपस में सजावट और विभिन्न हॉल व स्थानों पर कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। लेकिन मौजूदा हालात ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। रातभर का उग्र प्रदर्शन, अब्दुल्ला कॉलेज में तालाबंदी, कक्षाएं बंद, दोनों मुख्य गेट बंद, कैंपस में नारेबाजी और डक पॉइंट पर जारी धरना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। यासिर की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मेडिकल टीम चिंता जता रही है, लेकिन छात्र आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। कैंपस में विरोध, हंगामा और उग्रता लगातार जारी है और छात्र अब कुलपति के सामने आकर दोनों मांगों पर फैसला सुनाने की जिद पर अड़े हैं।
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