यमुना में बोरे में मिला आगरा से युवती का शव:30 सितंबर से लापता थी, परिवार ने रेत खनन की शिकायत को लेकर हत्या का लगाया आरोप
इटावा के बढ़पुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम यमुना नदी से बोरे में 26 वर्षीय युवती का शव बरामद हुआ। शव की पहचान आगरा के बाह थाना क्षेत्र के रुदमुली गांव निवासी विशाखा ओझा पुत्री विजय कुमार के रूप में हुई। विशाखा 30 सितंबर से लापता थी और उसकी गुमशुदगी आगरा के एमएम गेट थाने में दर्ज थी। परिवार ने पुरानी रंजिश में अपहरण के बाद हत्या किए जाने का आरोप फतेहाबाद में तैनात लेखपाल शिवजीत सिंह पर लगाया है। मिहौली के पास बोरे में मिला शव मंगलवार शाम करीब 4 बजे मिहौली गांव के पास यमुना किनारे बोरे में युवती का शव पड़ा होने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। बढ़पुरा थाना प्रभारी कृपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पहचान की कार्रवाई शुरू की। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान विशाखा के रूप में की। इटावा के एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि युवती आगरा के बाह क्षेत्र की रहने वाली थी और उसकी गुमशुदगी एमएम गेट थाने में दर्ज थी। शव का पोस्टमार्टम इटावा मुख्यालय पर कराया जा रहा है। आगे की विधिक कार्रवाई आगरा पुलिस द्वारा की जाएगी। सुपर टेट की तैयारी कर रही थी विशाखा परिजनों के मुताबिक विशाखा आगरा के एमएम गेट थाना क्षेत्र में रहकर सुपर टेट की तैयारी कर रही थी। पिता विजय ओझा ने बताया कि 29 सितंबर को उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी। उसने 30 सितंबर को घर आने की बात कही थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। आगरा पहुंचकर जानकारी जुटाई गई और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य जानकारी के आधार पर एमएम गेट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 2017 से रेत खनन को लेकर विवाद का दावा पिता विजय ओझा का आरोप है कि उनके गांव में आरोपी लेखपाल शिवजीत सिंह का घर करीब 300 मीटर दूर है। उनके मुताबिक आरोपी पक्ष के लोग यमुना से रेत खनन करते थे। परिवार का खेत भी यमुना किनारे है और खनन के कारण खेत को नुकसान होता था। विजय ओझा के मुताबिक उन्होंने 2017 में यमुना से होने वाले खनन को लेकर बाह एसडीएम से शिकायत की थी। शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए खनन में लगे कई ट्रैक्टर पकड़े थे। उनका आरोप है कि इसी के बाद आरोपी पक्ष उनके परिवार से रंजिश रखने लगा। परिवार का आरोप- पुरानी रंजिश में किया अपहरण परिवार का आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते 29 सितंबर को आगरा के एमएम गेट थाना क्षेत्र से विशाखा का अपहरण किया गया। आरोप है कि हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर कचौरा घाट के पास यमुना में फेंक दिया गया। परिजनों के मुताबिक आरोपी की निशानदेही पर यमुना के आसपास तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मंगलवार को मिहौली के पास बोरे में विशाखा का शव बरामद हुआ। मोबाइल, लैपटॉप और जेवर नहीं मिले विजय ओझा का कहना है कि विशाखा के पास लैपटॉप, मोबाइल, गले की चेन और कान के रिंग थे, लेकिन शव के साथ इनमें से कोई सामान नहीं मिला। परिवार का दावा है कि आरोपी ने पुलिस को बताया था कि सामान भी शव के साथ फेंका गया था। विशाखा के भाई विकास ओझा ने आरोपी और उसकी बहन के बीच दोस्ती की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि परिवार को आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सजा चाहिए। फिलहाल इटावा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस के मुताबिक घटना से जुड़ी आगे की विधिक कार्रवाई आगरा पुलिस करेगी।
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