दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में ‘यूथ फॉर विकसित भारत’ सम्मेलन, 6000 युवाओं की भागीदारी

नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में ‘यूथ फॉर विकसित भारत’ सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से करीब 6000 युवाओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देना और युवाओं को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ना बताया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी शामिल रहीं।

दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में ‘यूथ फॉर विकसित भारत’ सम्मेलन, 6000 युवाओं की भागीदारी

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 6 जून 2026

नई दिल्ली स्थित त्यागराज स्टेडियम में शनिवार को केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नाम ‘यूथ फॉर विकसित भारत’ रखा गया, जिसका उद्देश्य देश को वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को गति देना बताया गया। इस आयोजन में देशभर से आए करीब 6000 युवाओं ने भाग लिया और इसे एक बड़े युवा संवाद मंच के रूप में देखा जा रहा है।


देशभर से आए 6000 युवाओं की बड़ी भागीदारी

इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों से युवा शामिल हुए, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। इनमें छात्र, युवा पेशेवर, उद्यमी, नवाचार से जुड़े युवा, डिजिटल कंटेंट निर्माता, सामाजिक कार्यकर्ता और नेतृत्व क्षमता वाले युवा शामिल रहे।कार्यक्रम में युवाओं को एक साझा मंच पर लाकर उनके विचार, अनुभव और सुझाव सुने गए। आयोजकों के अनुसार इस तरह की भागीदारी देश के विकास मॉडल में युवाओं की भूमिका को और मजबूत करती है।


विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर केंद्रित कार्यक्रम

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाना बताया गया। सरकार का मानना है कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिक्षा, रोजगार, नवाचार, तकनीक और नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आगे आना होगा। साथ ही उन्हें नीति निर्माण और सामाजिक विकास की प्रक्रिया से भी जोड़ा जाना आवश्यक है।


केंद्रीय मंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री रहे मौजूद

इस आयोजन में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री की उपस्थिति भी रही। इसके अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध व्यक्ति भी कार्यक्रम में शामिल हुए।मंच से संबोधन के दौरान युवाओं को देश के भविष्य का आधार बताया गया और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारत का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर करता है।


युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

इस सम्मेलन को केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा बताया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को सरकारी योजनाओं, विकास कार्यक्रमों और नेतृत्व अवसरों से जोड़ना है।आयोजकों का मानना है कि जब युवा सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्तर के मंचों से जुड़ते हैं तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे देश के विकास में अधिक सक्रिय भूमिका निभाते हैं।


देश के विकास में युवाओं की भूमिका पर जोर

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। यदि इस युवा शक्ति को सही दिशा और अवसर मिलें तो भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ सकता है।युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में आगे आने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि सरकार ऐसे और मंच आगे भी तैयार करेगी।