चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर में बड़ा बदलाव!

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले वस्त्र पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही मेज के स्थान पर दरी पर बैठकर धनराशि की गणना की जाएगी और पूरी प्रक्रिया चार लोगों की निगरानी में संपन्न होगी।

चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर में बड़ा बदलाव!

दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 14 जुलाई 2026

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की धनराशि से जुड़ी चोरी की घटना के बाद मंदिर न्यास ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है। अब चढ़ावे की गणना करने वाले सभी कर्मियों के लिए बिना जेब वाले विशेष वस्त्र पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही मेज पर होने वाली गणना को बंद कर दरी पर बैठकर धनराशि गिनने की नई व्यवस्था लागू की गई है।


चढ़ावे की चोरी के बाद मंदिर प्रशासन ने कड़े किए सुरक्षा प्रबंध

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी की घटना सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। श्रद्धालुओं की आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए न्यास ने कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं। इनका उद्देश्य चढ़ावे की सुरक्षा को पूरी तरह मजबूत बनाना और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को समाप्त करना है।मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि अब प्रत्येक कर्मचारी के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। पहले कुछ व्यवस्थाओं में ढिलाई थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

बिना जेब वाले विशेष वस्त्र पहनना होगा अनिवार्य

स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष प्रकार के बिना जेब वाले वस्त्र निर्धारित किए गए हैं। पहले यह व्यवस्था केवल औपचारिक रूप से लागू थी और कई बार इसकी अनदेखी हो जाती थी। अब प्रत्येक कर्मचारी को उसी निर्धारित वेशभूषा में ही कार्य करना होगा।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रवेश और निकास के समय नियमित जांच भी अनिवार्य कर दी गई है। इससे किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधि की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था को पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त बनाया गया है।

मेज पर नहीं, अब दरी पर बैठकर होगी चढ़ावे की गणना

मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे की गणना की पूरी प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले धनराशि की गणना मेज पर बैठकर की जाती थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार सभी कर्मचारी दरी पर बैठकर ही चढ़ावे की गणना करेंगे।न्यास का मानना है कि इस बदलाव से धनराशि को छिपाने या किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी। यह व्यवस्था पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लागू की गई है।

अब चार लोगों की निगरानी में होगी पूरी प्रक्रिया

चढ़ावे की गणना के दौरान पहले पर्याप्त निगरानी नहीं रहती थी। अब इस व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार गणना के समय कुल चार लोग उपस्थित रहेंगे, जिनमें दो भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि और दो मंदिर न्यास के प्रतिनिधि शामिल होंगे।इन सभी की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी ताकि प्रत्येक चरण पारदर्शी और सुरक्षित बना रहे। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

आस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं

स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि चढ़ावे की चोरी केवल धन की हानि नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट है। मंदिर प्रशासन इस घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद चढ़ावे की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए निरंतर व्यवस्था में सुधार करता रहेगा।