दिनभर धूप में काम करने वालों के लिए चेतावनी, लू और गर्मी बन सकती है जानलेवा; इन उपायों से रखें खुद को सुरक्षित

भीषण गर्मी और लू के बीच बाहर काम करने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं। पर्याप्त पानी, पौष्टिक पेय, हल्के कपड़े और सही सावधानियां अपनाकर लू, निर्जलीकरण और अन्य गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

दिनभर धूप में काम करने वालों के लिए चेतावनी, लू और गर्मी बन सकती है जानलेवा; इन उपायों से रखें खुद को सुरक्षित

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 6 जून 2026

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जून महीने में तापमान कई स्थानों पर 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जो दिनभर खुले आसमान के नीचे काम करते हैं। निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक, किसान, यातायात कर्मी, सामान पहुंचाने वाले कर्मचारी और अन्य बाहरी कार्य करने वाले लोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना कर रहे हैं।विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तेज धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक थकान, चक्कर आना और लू लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसे में गर्मी के मौसम में कुछ जरूरी उपाय अपनाकर स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है।

शरीर में पानी की कमी न होने दें

गर्मी के मौसम में सबसे बड़ा खतरा शरीर में पानी की कमी का होता है। जब व्यक्ति लंबे समय तक धूप में रहता है तो शरीर से पसीने के रूप में बड़ी मात्रा में पानी और आवश्यक लवण बाहर निकल जाते हैं। यदि समय-समय पर पानी नहीं पिया जाए तो शरीर कमजोर पड़ने लगता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर से निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी अवश्य पिएं। अपने साथ पानी की बोतल रखें और थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। केवल प्यास लगने का इंतजार करना सही नहीं माना जाता। नियमित रूप से पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और थकान कम महसूस होती है।

प्राकृतिक पेय पदार्थों का करें सेवन

तेज गर्मी के दौरान केवल पानी ही नहीं बल्कि ऐसे पेय पदार्थों का सेवन भी जरूरी है जो शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करें। नींबू का शरबत, नारियल पानी, छाछ, बेल का शरबत और अन्य घरेलू पेय शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करने में मदद करते हैं।इन पेय पदार्थों से शरीर को ऊर्जा मिलती है और पानी की कमी होने का खतरा भी कम हो जाता है। विशेष रूप से बाहर काम करने वाले लोगों को दिन में कम से कम एक या दो बार ऐसे पेय पदार्थों का सेवन अवश्य करना चाहिए ताकि शरीर स्वस्थ बना रहे।

हल्के और ढीले कपड़े पहनना है जरूरी

गर्मी से बचाव के लिए कपड़ों का चयन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गहरे रंग के कपड़े अधिक गर्मी सोखते हैं, जबकि हल्के रंग के कपड़े सूर्य की किरणों को कम अवशोषित करते हैं। इसलिए गर्मी के मौसम में हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनना अधिक लाभदायक माना जाता है।ढीले कपड़ों से शरीर में हवा का प्रवाह बना रहता है और पसीना जल्दी सूखता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी का प्रभाव कम महसूस होता है। सिर को ढकने के लिए सूती कपड़ा या टोपी का उपयोग भी लाभकारी हो सकता है।

धूप से लौटते ही न करें यह गलती

कई लोग तेज धूप से लौटने के तुरंत बाद पंखे, शीतलन यंत्र या अत्यधिक ठंडे वातावरण में बैठ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। शरीर जब अत्यधिक गर्म होता है तो अचानक तापमान परिवर्तन से कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।धूप से लौटने के बाद कुछ समय सामान्य वातावरण में आराम करना चाहिए। इसके बाद हाथ, पैर और चेहरा सामान्य या ठंडे पानी से धोना चाहिए। यदि आवश्यकता हो तो स्नान भी किया जा सकता है। इससे शरीर का तापमान धीरे-धीरे सामान्य हो जाता है।

पानी से भरपूर फलों का करें सेवन

गर्मी के मौसम में फल शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और प्रभावी माध्यम माने जाते हैं। तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा और मौसमी जैसे फलों में पानी की मात्रा अधिक होती है। ये फल शरीर में पानी की कमी को दूर करने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।नियमित रूप से ऐसे फलों का सेवन करने से शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज तत्व मिलते हैं। इससे गर्मी के कारण होने वाली कमजोरी और थकान को भी कम किया जा सकता है। विशेषज्ञ गर्मियों में प्रतिदिन ताजे फलों को आहार का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं।

लू के शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज

अत्यधिक गर्मी में काम करने के दौरान यदि सिर दर्द, चक्कर, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, उलझन या बेचैनी महसूस हो तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लू लगने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।ऐसी स्थिति में तुरंत छायादार स्थान पर जाना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। यदि हालत में सुधार न हो तो चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां बड़े खतरों से बचा सकती हैं। नियमित रूप से पानी पीना, संतुलित भोजन करना, दोपहर की तेज धूप से बचना और शरीर को ठंडा रखना अत्यंत आवश्यक है।जो लोग रोजाना कई घंटे बाहर काम करते हैं, उन्हें अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। थोड़ी सी सतर्कता और सही आदतें अपनाकर भीषण गर्मी और लू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है तथा स्वस्थ जीवन बनाए रखा जा सकता है।