यति नरसिंहानंद के दारुल उलूम पर बयान से सियासत गरम:बोले- दारुल उलूम का मोदी-भागवत से सीधा नाता, सचिन सिरोही की जान को बताया खतरा
गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही के प्रकरण को लेकर कई गंभीर आरोप लगाते हुए सोमवार को सनसनी फैला दी। सचिन सिरोही पर दर्ज मुकदमे के बाद उनसे मिलने मेरठ पहुंचे यति नरसिंहानंद ने दावा किया कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है और इसके लिए बड़ी फंडिंग की गई है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के कुछ अधिकारियों पर भी धन लेने का आरोप लगाया। यति नरसिंहानंद ने कहा कि सचिन सिरोही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदू संगठनों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक, इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सचिन सिरोही के खिलाफ दर्ज मुकदमे को भी अनुचित बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। यति नरसिंहानंद ने कहा कि सचिन सिरोही को किसी भी तरह से अकेला नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की जांच कराने और सचिन सिरोही को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह सचिन सिरोही के समर्थन में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। दारुल उलूम को लेकर लगाए आरोप
यति नरसिंहानंद ने दारुल उलूम देवबंद पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सचिन सिरोही से जुड़े घटनाक्रम के पीछे दारुल उलूम से जुड़े लोगों की भूमिका है। उन्होंने संस्था को लेकर आतंकवाद और जेहाद से संबंधित कई आरोप भी लगाए। उन्होंने दारुल उलूम के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रभाव का भी जिक्र किया। यति नरसिंहानंद ने दावा किया कि मदनी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से संपर्क हैं और इसका असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पड़ता है। कमलेश तिवारी का भी किया जिक्र
यति नरसिंहानंद ने आशंका जताई कि सचिन सिरोही के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य हिंदू संगठनों की आवाज को कमजोर करना है। इसी संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2019 में हुई हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या का उल्लेख किया और कहा कि सचिन सिरोही के साथ भी वैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक दलों पर भी निशाना
उन्होंने किसी दल का नाम लिए बिना कुछ राजनीतिक दलों पर हिंदुत्व से समझौता करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राजनीतिक परिस्थितियों के साथ कुछ नेताओं ने अपने पुराने विचारों से समझौता किया है। उन्होंने हिंदू संगठनों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी अपनी बात रखी। फ्लाईदुबई मामले का भी किया उल्लेख
यति नरसिंहानंद ने फ्लाईदुबई की एक उड़ान में भारतीय कैप्टन से कथित मारपीट के मामले का उल्लेख करते हुए भी सभी को चौका दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट पर हमला करने वाला को-पायलट का भी दारुल उलूम से संबंध है। उन्होंने इसे भी दारुल उलूम से जोड़ा। मेरठ और केसरगंज विवाद पर टिप्पणी
केसरगंज मस्जिद विवाद के दौरान बसपा नेता राशिद अखलाक की ओर से निकाले गए जुलूस से जुड़े सवाल पर उन्होंने मेरठ की कानून-व्यवस्था और कथित आपराधिक गतिविधियों को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने राशिद अखलाक के एक रिश्तेदार पर आपराधिक मामले में शामिल होने का दावा भी किया। जांच की मांग के साथ खत्म किया बयान
यति नरसिंहानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की जांच कराने की मांग दोहराई। उनके बयान में सचिन सिरोही की सुरक्षा, दर्ज मुकदमे की निष्पक्षता और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंदू संगठनों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
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