यूपीआई लेनदेन पर शुल्क से व्यापारियों में चिंता:सीतापुर में व्यापार मंडल ने PM के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, सीमा बढ़ाने की मांग

Oct 05, 2026 - 16:03
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यूपीआई लेनदेन पर शुल्क से व्यापारियों में चिंता:सीतापुर में व्यापार मंडल ने PM के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, सीमा बढ़ाने की मांग
सीतापुर में यूपीआई लेनदेन पर शुल्क को लेकर छोटे और मध्यम वर्गीय व्यापारियों की चिंता के बीच अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने सोमवार दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। व्यापार मंडल ने यूपीआई से होने वाले लेनदेन की निर्धारित सीमा बढ़ाने और 2 हजार रुपए से अधिक के डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क से व्यापारियों को राहत देने की मांग की। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद गुप्ता ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पूरे प्रदेश में जिलाधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि यूपीआई से जुड़े नए प्रावधानों को लेकर छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों में चिंता है। इसका असर ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों और ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में 2 हजार रुपए तक के लेनदेन की सीमा और इसके ऊपर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की बात कही गई है। व्यापार मंडल का कहना है कि इससे छोटे दुकानदारों के साथ ग्राहकों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। इसका असर वस्तुओं की कीमतों और महंगाई पर पड़ने की आशंका भी जताई गई है। दैनिक सीमा 10 हजार और मासिक 5 लाख करने की मांग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि प्रति दिन 2 हजार रुपए की लेनदेन सीमा बढ़ाकर 10 हजार रुपए की जाए। वहीं, एक लाख रुपए की मासिक सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया जाए। संगठन का कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों का कारोबार सुचारु रूप से चलता रहेगा और डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल भुगतान से दूरी बनाने की जताई आशंका भगवती प्रसाद गुप्ता ने कहा कि यदि यूपीआई लेनदेन पर व्यापारियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिली तो छोटे कारोबारी डिजिटल भुगतान से दूरी बनाकर दोबारा नकद लेनदेन की ओर लौट सकते हैं। इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचने के साथ व्यापारियों और सरकार, दोनों के सामने दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। ज्ञापन के माध्यम से व्यापार मंडल ने व्यापारियों की मांगों पर शीघ्र विचार कर राहत देने की अपील की है।

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