त्योहारों से पहले महंगा हुआ राशन! चावल-दाल के बढ़े दाम, बिगड़ेगा बजट
त्योहारों से पहले कर्नाटक में चावल, दाल, रागी और गुड़ की कीमतों में बढ़ोतरी से आम परिवारों की चिंता बढ़ गई है। कमजोर मानसून और जलाशयों में पानी की कमी के कारण फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। बाजार में चावल की कई किस्में 70 से 95 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं, जबकि तूर दाल के भाव 130 से 160 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | कर्नाटक | 17 अक्टूबर 2026
त्योहारों का मौसम शुरू होते ही घरों में पकवान, मिठाइयां और दूसरे पारंपरिक व्यंजन बनाने की तैयारियां तेज हो जाती हैं। लेकिन इस बार त्योहारों की खुशियों के बीच महंगे राशन का असर आम परिवारों की जेब पर पड़ सकता है। कर्नाटक में चावल, दाल, रागी और गुड़ सहित रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने की खबर है। ऐसे में दशहरा और दिवाली के दौरान खरीदारी करने वाले परिवारों को अपने घरेलू बजट में बदलाव करना पड़ सकता है।
पिछले कुछ महीनों में चावल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी
कर्नाटक के बाजारों में चावल की विभिन्न किस्मों के दाम बढ़ने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में चावल की कुछ किस्मों की कीमतों में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। पहले 50 से 60 रुपये प्रति किलो मिलने वाला चावल अब 70 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। चावल की कीमतों में यह उछाल उन परिवारों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है, जिनके दैनिक भोजन में इसका प्रमुख स्थान है।
रागी और गुड़ भी हुए महंगे
चावल के साथ-साथ कर्नाटक में रागी और गुड़ की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल 35 से 40 रुपये प्रति किलो मिलने वाली रागी अब 55 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। वहीं, गुड़ की कीमत लगभग 50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 80 से 85 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इन वस्तुओं के महंगे होने से भोजन और पारंपरिक पकवान तैयार करने की लागत बढ़ सकती है।
कर्नाटक के बाजार में चावल और दाल के ताजा भाव
कर्नाटक के कृषि उपज विपणन समिति के बाजारों में चावल और दाल की अलग-अलग किस्मों के भाव में अंतर देखा जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट में दिए गए भाव के अनुसार, सोना स्टीम चावल 72 से 75 रुपये प्रति किलो और सोना मसूरी चावल लगभग 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, कोलम चावल की कीमत 90 से 95 रुपये प्रति किलो तक बताई गई है। नीचे दी गई सूची में बाजार के बताए गए भाव देख सकते हैं।
|
अनाज और दाल का नाम |
कीमत प्रति किलो |
|---|---|
|
सोना स्टीम चावल |
72–75 रुपये |
|
सोना मसूरी चावल |
80 रुपये |
|
कोलम चावल |
90–95 रुपये |
|
इडली चावल |
46 रुपये |
|
डोसा चावल |
35–40 रुपये |
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तूर दाल |
130–160 रुपये |
|
बंगाल चना दाल |
95–100 रुपये |
|
साबुत बंगाल चना |
90–95 रुपये |
|
हरी मूंग |
110–120 रुपये |
|
उड़द दाल |
100–165 रुपये |
ध्यान दें: ये उपलब्ध रिपोर्ट में बताए गए बाजार भाव हैं। वास्तविक कीमतें स्थान, गुणवत्ता, दुकान और खरीद की मात्रा के अनुसार अलग हो सकती हैं।
कमजोर मानसून और पानी की कमी से बढ़ी चिंता
अनाज की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कमजोर मानसून और जलाशयों में पानी का स्तर घटने को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। बारिश कम होने से धान, रागी, ज्वार और दूसरी फसलों की खेती प्रभावित होने की आशंका है। कृषि के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर फसलों की पैदावार घट सकती है। इसका असर किसानों के उत्पादन के साथ-साथ बाजार में अनाज की उपलब्धता और कीमतों पर भी पड़ सकता है।
आपूर्ति घटने पर और बढ़ सकते हैं दाम
जब किसी फसल का उत्पादन कम होता है, तो बाजार में उसकी उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है। यदि मांग के मुकाबले अनाज की आपूर्ति कम रहती है, तो कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान चावल, दाल, गुड़ और दूसरी खाद्य वस्तुओं की मांग बढ़ने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। हालांकि, आने वाले समय में कीमतें कितनी बढ़ेंगी, यह फसल उत्पादन, बाजार में आपूर्ति और मांग की स्थिति पर निर्भर करेगा।
आम परिवारों के बजट पर क्या पड़ेगा असर
चावल और दाल भारतीय परिवारों के दैनिक भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनकी कीमतें बढ़ने से हर महीने राशन पर होने वाला खर्च बढ़ सकता है, खासकर उन परिवारों का बजट प्रभावित हो सकता है जिनकी आय सीमित है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, पकवानों और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी भी बढ़ जाती है। ऐसे में परिवारों को राशन खरीदते समय कीमतों की तुलना करने, जरूरत के अनुसार खरीदारी करने और मासिक खर्च का हिसाब रखने की जरूरत पड़ सकती है।
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