ईवीएम में छेड़छाड़ हुई तो जान की बाजी लगाएंगे - ममता बनर्जी का कोलकाता स्ट्रांगरूम दौरे के बाद बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के स्ट्रांगरूम का दौरा कर ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि मतगणना या मशीनों में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई तो उनकी पार्टी जीवन-मरण की लड़ाई लड़ेगी। इस बयान के बाद चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है।

ईवीएम में छेड़छाड़ हुई तो जान की बाजी लगाएंगे - ममता बनर्जी का कोलकाता स्ट्रांगरूम दौरे के बाद बड़ा बयान

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 1 मई 2026 ।


कोलकाता से विशेष रिपोर्ट


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में स्थित स्ट्रांगरूम का दौरा कर चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ईवीएम मशीनों या मतगणना प्रक्रिया में किसी प्रकार की छेड़छाड़ की कोशिश हुई तो उनकी पार्टी जीवन-मरण की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले राजनीतिक माहौल बेहद गरमाया हुआ है।


स्ट्रांगरूम दौरे के पीछे की वजह

मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम का निरीक्षण किया, जहां मतदान मशीनें और मतपत्र सुरक्षित रखे गए हैं। उनका यह दौरा तीन घंटे से अधिक समय तक चला, जिसमें उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया।
उन्होंने बताया कि उन्हें एक वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसी के बाद उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने का निर्णय लिया।
उनके अनुसार, चुनाव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हो सकती है।


जान की बाजी लगाकर लड़ेंगे – कड़ा संदेश

स्ट्रांगरूम से बाहर निकलने के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई ईवीएम मशीन चुराने या मतगणना में गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा तो उनकी पार्टी पूरी ताकत से मुकाबला करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने पूरे जीवन में अन्याय के खिलाफ लड़ती रही हैं और आगे भी ऐसा ही करती रहेंगी।
उनका यह बयान सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों को दर्शाता है और राजनीतिक संघर्ष के संकेत देता है।


केंद्रीय बलों पर पक्षपात का आरोप

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभ में उन्हें स्ट्रांगरूम में प्रवेश करने से रोका गया, जबकि नियमों के अनुसार उम्मीदवार को यह अधिकार प्राप्त है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने अधिकारों का हवाला दिया, तब जाकर उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली।
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जिससे निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न होता है।


राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो जारी कर चुनाव सामग्री के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि फुटेज में अधिकृत प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में मतपेटियों को खोला जा रहा था।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं।
इन आरोपों ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है, जिससे मतगणना से पहले ही विवाद गहरा गया है।


मतगणना से पहले बढ़ी चिंता

चार मई को होने वाली मतगणना से पहले यह विवाद एक बड़े राजनीतिक संकट का रूप लेता दिख रहा है। सभी दल अपने-अपने स्तर पर चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आरोप लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकते हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और चुनाव आयोग इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाते हैं और क्या यह विवाद मतगणना को प्रभावित करता है या नहीं।


ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। ममता बनर्जी का सख्त रुख यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। अब सबकी नजरें मतगणना और उसके बाद की राजनीतिक स्थिति पर टिकी हैं।