100 विधानसभा सीटों पर हजारों डुप्लीकेट वोटर मिलने का दावा:सपा ने की चुनाव आयोग से शिकायत, कहा सभी 403 सीट के हर बूथ की कराई जाए जांच
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को लेकर समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग के सामने बड़ा सवाल खड़ा किया है। सपा ने दावा किया है कि प्रदेश की 100 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की ओर से मतदाता सूची की पड़ताल के दौरान हजारों डुप्लीकेट मतदाता सामने आए हैं। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR की 166 दिन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज हैं। सपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश से इन मामलों की जांच कराकर मतदाता सूची दुरुस्त कराने की मांग की है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया है कि विधानसभा चुनाव 2027 को पारदर्शी, निष्पक्ष, स्वतंत्र और निर्भीक तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथ पर मतदाता सूची की जांच कराई जाए। जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, उनका सत्यापन किया जाए और नियमानुसार अनावश्यक प्रविष्टियों को हटाया जाए। पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के उद्देश्य से SIR कराने की बात कही थी, तब इतनी बड़ी संख्या में कथित डुप्लीकेट नाम कैसे बने रह गए? सपा का कहना है कि मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम कई जगह दर्ज होने से चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और दिए गए उदाहरणों का स्वतंत्र सत्यापन होना अभी बाकी है। तीन विधानसभा क्षेत्रों के उदाहरण देकर उठाए सवाल सपा ने अपने ज्ञापन में कन्नौज जिले की छिबरामऊ, इटावा जिले की जसवंतनगर और श्रावस्ती विधानसभा सीटों के उदाहरण देकर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की ओर ध्यान दिलाया है। पार्टी का दावा है कि इन क्षेत्रों में एक ही मतदाता का नाम दो से चार बार तक दर्ज मिला है। कई मामलों में मतदाता का नाम, परिजनों का नाम, मकान संख्या और उम्र समान होने के बावजूद अलग-अलग EPIC नंबर दर्ज होने की बात कही गई है। छिबरामऊ विधानसभा: एक नाम तीन जगह दर्ज होने का दावा कन्नौज जिले की 196-छिबरामऊ विधानसभा सीट के संबंध में सपा ने कई उदाहरण दिए हैं। ज्ञापन के अनुसार, बूथ संख्या 49 की मतदाता सूची में नीतू, पति आनंद कुमार, मकान संख्या 126, उम्र 41 वर्ष का नाम क्रम संख्या 546, 547 और 548 पर दर्ज है। पार्टी का दावा है कि तीनों प्रविष्टियों में अलग-अलग EPIC नंबर हैं। इसी तरह मीरा गुप्ता, पति मुन्ना लाल, मकान संख्या 133, उम्र 30 वर्ष का नाम पोलिंग स्टेशन संख्या 531, 532 और 541 से संबंधित सूची में क्रमशः 481, 560 और 486 पर दर्ज होने की बात कही गई है। ज्ञापन में प्रखर बैस, पिता अजीत प्रताप सिंह, मकान संख्या 47, उम्र 19 वर्ष का नाम क्रम संख्या 470, 471 और 491 पर तीन बार दर्ज होने का भी उल्लेख है। इसके अलावा मुनेश, पिता राजेंद्र, मकान संख्या 626, उम्र 23 वर्ष का नाम क्रम संख्या 588 और 589 पर दो बार दर्ज होने का दावा किया गया है। पार्टी ने कहा है कि ये उदाहरण केवल कुछ प्रविष्टियों तक सीमित नहीं हैं और विधानसभा क्षेत्र के अन्य बूथों पर भी ऐसी गड़बड़ियां होने की शिकायत मिली है। जसवंतनगर विधानसभा: तीन-तीन बार नाम दर्ज होने की शिकायत इटावा जिले की 199-जसवंतनगर विधानसभा सीट के संबंध में भी सपा ने कई उदाहरण दिए हैं। ज्ञापन के मुताबिक, बूथ संख्या 9 और 10 से संबंधित मतदाता सूची में दीपिका पाल, पिता ब्रजेश कुमार, मकान संख्या 347/2, उम्र 18 वर्ष का नाम क्रम संख्या 949, 944 और 945 पर तीन बार दर्ज है। इसी तरह हिमेश बाबू, पिता रणवीर सिंह, मकान संख्या 98, उम्र 18 वर्ष का नाम क्रम संख्या 871, 872 और 873 पर दर्ज होने का दावा किया गया है। शिवानी, पति विवेक यादव, मकान संख्या 43, उम्र 19 वर्ष का नाम क्रम संख्या 732, 733 और 736 पर तीन बार दर्ज होने की बात कही गई है। वहीं, आरती, पिता सुवीर, मकान संख्या 51, उम्र 31 वर्ष का नाम क्रम संख्या 724, 732 और 734 पर दर्ज होने का उल्लेख है। सपा के मुताबिक, इन मामलों में भी मतदाता के नाम और अन्य विवरण समान होने के बावजूद अलग-अलग EPIC नंबर दर्ज हैं। पार्टी ने इन प्रविष्टियों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। श्रावस्ती विधानसभा: चार बार नाम दर्ज होने के आरोप श्रावस्ती जिले की 290-श्रावस्ती विधानसभा सीट को लेकर भी ज्ञापन में कई उदाहरण दिए गए हैं। पार्टी का दावा है कि यहां कुछ मतदाताओं के नाम तीन से चार बार तक दर्ज हैं। ज्ञापन के अनुसार, रोशन लाल, पिता कामता प्रसाद, मकान संख्या 174, उम्र 27 वर्ष का नाम क्रम संख्या 832, 750, 765 और 777 पर चार बार दर्ज है। इसी तरह रिजवान, पिता मोहर्रम अली, मकान संख्या 117, उम्र 27 वर्ष का नाम क्रम संख्या 175, 776 और 777 पर तीन बार दर्ज होने का दावा किया गया है। अनीश, पिता गुलजार, मकान का पता नऊवन पूर्वा, उम्र 27 वर्ष का नाम क्रम संख्या 688, 1101, 758 और 1102 पर चार बार दर्ज होने की बात कही गई है। सपा ने इन सभी मामलों में अलग-अलग EPIC नंबर होने का भी उल्लेख किया है। पार्टी ने इन उदाहरणों के आधार पर अन्य बूथों की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि, एक ही नाम या समान व्यक्तिगत विवरण वाली प्रविष्टियों को अंतिम रूप से डुप्लीकेट घोषित करने से पहले निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और संबंधित मतदाताओं का सत्यापन किया जाना जरूरी होगा। पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक 100 सीटों पर गड़बड़ी का आरोप सपा ने अपने ज्ञापन में जिन विधानसभा क्षेत्रों में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम दर्ज होने का दावा किया है, उनकी सूची पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक फैली है। इसमें सहारनपुर, मथुरा, आगरा, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, उन्नाव, लखनऊ, सुल्तानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर नगर, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र सहित कई जिलों की विधानसभा सीटें शामिल हैं। ज्ञापन में लखनऊ की मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, सरोजनीनगर, लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तरी, लखनऊ पूर्व, लखनऊ मध्य और लखनऊ कैंट विधानसभा सीटों का भी उल्लेख है। इसके अलावा बरेली जिले की बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, बरेली, बरेली कैंट और आंवला सीटों को भी सूची में शामिल किया गया है। पूर्वांचल में बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र की विभिन्न विधानसभा सीटों पर ऐसी शिकायतें होने का दावा किया गया है। सपा का कहना है कि कथित गड़बड़ियां किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, इसलिए इनकी जांच विधानसभा स्तर के बजाय प्रदेशव्यापी आधार पर कराई जानी चाहिए। SIR के बाद भी सवाल, आयोग से हर बूथ की जांच कराने की मांग समाजवादी पार्टी ने ज्ञापन में कहा है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कराने के पीछे प्रमुख उद्देश्य सूची को अधिक शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना था। पार्टी के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई 166 दिन की प्रक्रिया के बावजूद यदि मतदाता सूचियों में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट प्रविष्टियां मौजूद हैं, तो पुनरीक्षण की प्रभावशीलता की समीक्षा की जानी चाहिए। सपा ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के प्रत्येक बूथ की मतदाता सूची की जांच कराई जाए। एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने की शिकायत मिलने पर संबंधित मतदाता का सत्यापन किया जाए। इसके बाद नियमानुसार एक ही व्यक्ति के अनावश्यक दोहराव वाले नाम हटाए जाएं, ताकि मतदाता सूची में वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और गलत प्रविष्टियों को सुधारा जा सके। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। यदि किसी व्यक्ति का नाम कई स्थानों पर दर्ज है, तो उसे समय रहते दुरुस्त करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। सपा ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। 2027 के चुनाव से पहले मतदाता सूची पर बढ़ेगी राजनीतिक निगरानी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए मतदाता सूची की शुद्धता राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। ऐसे में सपा की यह शिकायत निर्वाचन प्रक्रिया, SIR के परिणाम और बूथ स्तर पर मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर नई बहस खड़ी कर सकती है। सपा ने जिन 100 विधानसभा क्षेत्रों का हवाला दिया है, उनमें कई सीटें ऐसी हैं जहां बूथ स्तर पर चुनावी समीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, कथित डुप्लीकेट प्रविष्टियों की संख्या, उनका वास्तविक स्वरूप और उनके चुनावी प्रभाव का आकलन निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही किया जा सकता है। ज्ञापन मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने सौंपा। पार्टी ने मांग की है कि शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई कर मतदाता सूची को दुरुस्त कराया जाए, जिससे 2027 का विधानसभा चुनाव पारदर्शी, निष्पक्ष, स्वतंत्र और निर्भीक तरीके से संपन्न हो सके।
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