14 मेडिकल कॉलेजों में चोरी कर चुका गिरोह पकड़ा:51 दिन बाद खुलासा, 11 लाख के जेवर और कैश बरामद; 3 फरार
बांदा में मेडिकल कॉलेज के सरकारी आवासों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने 51 दिन बाद खुलासा किया है। गिरोह इससे पहले देश के 14 मेडिकल कॉलेजों में चोरी की वारदात कर चुका था। बांदा मेडिकल कॉलेज में चोरी को उसका 15वां निशाना बताया गया है। शुक्रवार शाम 7:28 बजे पुलिस मीडिया सेल ने बताया कि कोतवाली नगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से करीब 11 लाख रुपए के जेवर और 4,160 रुपए नकद बरामद हुए हैं। गिरोह के तीन सदस्य अभी फरार हैं। 18-19 अगस्त की रात सरकारी आवास में हुई थी चोरी मेडिकल कॉलेज बांदा में तैनात डॉ. विकास के सरकारी आवास में 18-19 अगस्त 2026 की रात चोरी हुई थी। इस मामले में 19 अगस्त को कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की थीं। सीसीटीवी फुटेज, भौतिक साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की। मध्य प्रदेश के धार जिले का आरोपी गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सिंह के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। पुलिस ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के धार जिले के टांडा थाना क्षेत्र के गुराडिया गांव निवासी राजेश पुत्र कालू को झांझरा वाले जंगल से गिरफ्तार किया। बाउंड्री फांदकर दो आवासों को बनाया था निशाना पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राजेश ने बताया कि 18-19 अगस्त की रात वह अपने सगे भाई सुमल और दो अन्य साथियों के साथ मेडिकल कॉलेज परिसर में घुसा था। गिरोह के सदस्यों ने बाउंड्री फांदकर दो आवासों की कुंडियां तोड़ीं और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, गिरोह दूसरे राज्यों में मेडिकल कॉलेजों, हॉस्टलों और बड़े व सुनसान आवासों को निशाना बनाता था। पुलिस अब उन राज्यों और स्थानों की जानकारी जुटा रही है, जहां गिरोह ने चोरी की घटनाएं की हैं। 11 लाख के जेवर और 4,160 रुपए बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पीली धातु के दो टंच माल बरामद किए हैं। इनका वजन क्रमशः 45 ग्राम और 29 ग्राम बताया गया है। इसके अलावा सफेद धातु का एक छल्ला, एक साड़ी पिन, दो ज्वैलरी बैग और 4,160 रुपए नकद मिले हैं। पुलिस ने बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपए बताई है। तीन आरोपी अभी फरार पुलिस के मुताबिक, मामले में राजेश का सगा भाई सुमल पुत्र कालू, शंकर पुत्र कुंदन निवासी गुराडिया, थाना टांडा, जिला धार और भीलू पुत्र मोटला निवासी बड़ी कदवाल, थाना बोरी, जिला अलीराजपुर, मध्य प्रदेश वांछित हैं। तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने दूसरे मेडिकल कॉलेजों, हॉस्टलों और आवासीय परिसरों में कितनी वारदातें की हैं।
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