2.66-करोड़ साइबर फ्रॉड में BCA पास युवक समेत 2 अरेस्ट:89 अकाउंट ट्रांसफर हुई ठगी की रकम, 31 म्यूल खातों पर मिली 38 शिकायतें, 7 FIR
जाजमऊ में सेफ्टी शूज और घोड़े की जीन के निर्यातक से 2.66 करोड़ का साइबर फ्रॉड करने वाले बीसीए पास अखिल चौहान व उसके साथी सत्येंद्र यादव उफ टोनी को साइबर क्राइम टीम ने अरेस्ट किया है। पकड़े गए आरोपी मुंबई में बैठे साइबर ठग कैली और विवेक रॉय के लिए काम करते थे। कैली और राव ने ही अनन्या कुलकर्णी नाम की महिला बनकर पीड़ित से बात की थी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि ठगी की रकम देशभर के 89 बैंकखातों में ट्रांसफर की गई, जिसमें से 25 लाख रुपए अखिल चौहान के खाते में आए थे। अखिल चौहान ने अपने व अपने परिवारिक सदस्यों के नाम से 31 म्यूल खाते खुलवाए थे। इन खातों पर एनसीआरपी पोर्टल पर 38 शिकायतें पुलिस को मिली है। वहीं महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, उड़ीसा के सुंदरगढ़ में ठगी की 7 एफआईआर दर्ज हैं। अब जानिए पूरा प्रकरण… जाजमऊ डिफेंस कालोनी निवासी मो. अहमद लारी सेफ्टी शूज और घोड़े की जीन के निर्यातक हैं। फेसबुक पर उन्हें फिनसोल प्राइवेट लिमिटेड में निवेश पर अधिक मुनाफे की जानकारी मिली। रुचि दिखाने पर वाट्सएप के जरिए अनन्या कुलकर्णी नाम की महिला ने उनसे संपर्क किया। खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए उसने निवेश पर कई गुना लाभ का झांसा दिया और फिनसोल प्राइवेट लिमिटेड का एप डाउनलोड कराया। विश्वास जीतने के लिए महिला ने कई स्क्रीनशाट भी भेजे। अहमद लारी ने 18 जून से 10 अगस्त के बीच कई बार में एप के जरिये 2.66 करोड़ रुपये निवेश कर दिए। एप पर उनकी रकम बढ़कर 9.74 करोड़ रुपये दिखाई गई। जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो निकासी नहीं हो सकी। संपर्क करने पर ठगों ने टैक्स के नाम पर 30 लाख रुपये और जमा करने को कहा। संदेह होने पर अहमद ने अपने सीए के माध्यम से कंपनी के ईमेल पर संपर्क किया। कंपनी की ओर से बताया गया कि अनन्या कुलकर्णी नाम की कोई महिला उनकी प्रतिनिधि नहीं है। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। जिसके बाद 8 अगस्त को उन्होंने साइबर सेल में एफआईआर दर्ज करायी थी। जिसके बाद मामले की जांच में साइबर थाने की पुलिस लगी थी। मुंबई के होटल में तीन दिन रुके, ट्रेनिंग ली पुलिस कमिश्नर ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि जांच में पता चला कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में सद्भावना सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड फर्म के खाते में ठगी की रकम गई है, जो कि मस्टर्ड ऑयल का काम करती है। फर्म का संचालन चकेरी के अहिरवां निवासी अखिल सिंह चौहान करता था। 3 अगस्त को फर्म के खाते में 6 बार 13.50 लाख ट्रांजेक्शन पाया गया। पुलिस ने अखिल सिंह चौहान को अरेस्ट किया, पूछताछ में उसने बताया कि मार्च 2025 में सफीपुर सेकेंड कॉलोनी निवासी सत्येंद्र यादव उर्फ टोनी ने फर्जी जीएसटी अकाउंट, गेमिंग और करंट अकाउंट खुलवाने को कहा था। खाते खुलवाने के लिए टोनी ने अखिल से 90 हजार रुपए उधार लिए थे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि खाते खुलवाने के बाद अखिल को मुंबई के कैली नाम के युवक ने टेलीग्राम ग्रुप वर्क नाम के ग्रुप में जोड़ा। फिर टोनी के जरिए वह कैली से मिलने के लिए मुंबई के मीरा रोड पहुंचा, जहां वह तीन दिन तक होटल में रुके और फिर वहीं से 28 और 29 जुलाई को एपीके फाइल का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया। पुलिस को अखिल की फर्म के खाते में 3 और 5 अगस्त को 3.24 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों के पास मिले अकाउंट में 30 लाख रुपए फ्रीज कराए गए है। ड्राइविंग स्कूल और ऑनलाइन पोर्टल भी संचालित करता था पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अखिल ने मेरठ के सुभारती कॉलेज से डिस्टेंस लर्निंग कोर्स के जरिए बीसीए कंप्लीट किया था। बीसीए करने के बाद उसने हैवी मोटर ड्राइविंग स्कूल भी खोला। उसके पिता सरताज सिंह चौहान आरटीओ के एजेंट थे, जिनकी मदद से उसने आरटीओ से ड्राइविंग स्कूल का रजिस्ट्रेशन भी कराया था। अखिल का भाई ITI किए हुए है। अखिल ने पिता, भाई व अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी म्यूल खाते खुलवाए थे। जिनकी पुलिस जांच कर रही है। इसके बाद अखिल ने ऑनलाइट पोर्टल शुरू किया, जिसमें वह डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स समेत अन्य कोर्सज की ट्रेनिंग दिलाता था। इसके लिए उसने कोलकाता और पनकी के रहने वाले दो ट्रेनरों को भी हॉयर किया था। कोलकाता का ट्रेनर पायथन लैंगवेज सिखाने का काम करता था, जबकि पनकी का ट्रेनर एक्सल की ट्रेनिंग देता था। अलग–अलग कोर्सों के बदले अखिल 15 से 30 हजार तक की फीस वसूलता था। बैंक मैनेजर पर दबाव बनाकर हासिल किया CIB पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शातिर अखिल ने ठगी की रकम को एक साथ बल्क में कई खातों में ट्रांसफर करने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बैंक मैनेजर पर दबाव बनाकर CIB (Corporate and Investment Banking) हासिल कर ली थी। इसके लिए अखिल ने अपनी फर्जी फर्म सद्भावना सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड में करोड़ों का ट्रांजेक्शन दिखाया, सैलरी भेजने के लिए कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद वह चकेरी के जना स्मॉल फाइनेंस बैंक के मैनेजर से भी CIB हासिल करना चाहता था। बैंक मैनेजर के इनकार करने पर उसने पंतजलि मस्टर्ड ऑयल का ऑनलाइन फर्जी इनवाइस बनाया। फर्म में डेढ़ करोड़ का ऑर्डर दिखाया गया। साथ ही बैंक मैनेजर को अखिल ने बताया कि उसने सेंट्रल बैंक से भी CIB हासिल कर रखी है। उसने बैंक मैनेजर से कहा कि अगर वह उसे CIB देगा तो वह जरूरत पड़ने पर उनके बैंक में 100–200 करोड़ रुपए भी डिपॉजिट करा सकता है। जिसके बाद भी न मानने पर उसने बैंक मैनेजर पर दबाव बनाने के लिए कई जगहों पर उनकी शिकायतें भी की थी। कानपुर के 10 से अधिक युवक गिरोह में शामिल पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अखिल और सतेंद्र बकायदा मुंबई से ठगी की ट्रेनिंग हासिल कर कानपुर आए थे। पूछताछ में मुंबई के विवेक रॉय और कैली के नाम प्रकाश में आए हैं। अखिल ने अब तक 31 अकाउंट खुलवाए है, जिनकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड मुंबई के युवकों के पास है, मुंबई के युवक की इन सभी अकाउंटों को हैंडल करते है। अकाउंट में ठगी की रकम आते ही CIB के जरिए देशभर के विभिन्न राज्यों के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता है। गिरोह एपीके फाइल, डिजिटल अरेस्ट और इनवेस्टमेंट के नाम पर साइबर फ्रॉड की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस की पूछताछ में एक इक्विस पार्क कंपनी का नाम भी सामने आया है, जो दिल्ली में रजिस्टर्ड है। जांच में पता चला कि यह फर्म किसी राकेश कुमार के नाम पर है, जो लुधियाना का रहने वाला है। अखिल के गिरोह में 10 से अधिक युवक शामिल है, जिनके बारे में पता किया जा रहा है।
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