69 चतुर्थ श्रेणी पदों की आउटसोर्सिंग भर्ती पर सवाल:डीएम ने CMO से मांगा जवाब; बाहर के लोगों को तैनाती देने का दावा
गोंडा में मंगलवार दोपहर 4 बजे गोंडा में स्वास्थ्य विभाग की आउटसोर्सिंग भर्ती को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सीएमओ से जवाब मांगा। मामला 69 चतुर्थ श्रेणी पदों पर मैनपावर तैनाती से जुड़ा है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के शहरी आजीविका केंद्र के प्रबंधक विजय कुमार गुप्ता ने 21 सितंबर को सीएमओ और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर चयन प्रक्रिया में गंभीर खामियों और अनियमितताओं का आरोप लगाया था। यह पत्र 29 सितंबर को सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। 69 पदों के लिए मांगी गई थी मैनपावर सीएलसी प्रबंधक के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय ने 26 मई 2026 को शहरी आजीविका केंद्र से सात अलग-अलग संवर्गों में 69 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आपूर्ति मांगी थी। नियम के तहत प्रत्येक पद के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों की सूची साक्षात्कार के लिए भेजी जानी थी। इसके तहत 6 जून को 207 पात्र अभ्यर्थियों की सूची सीएमओ कार्यालय को भेजी गई। चयन परिणाम की जानकारी नहीं देने का आरोप प्रबंधक का आरोप है कि साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चयन की कार्यवृत्ति या चयनित अभ्यर्थियों की सूची शहरी आजीविका केंद्र को उपलब्ध नहीं कराई। संस्था को सीधे तैनाती आदेश की प्रतिलिपि भेजी गई। उनका कहना है कि नियमानुसार चयनित 69 लोगों की सूची पहले साझा की जानी चाहिए थी। स्वीकृत पदों से ज्यादा तैनाती का दावा शहरी आजीविका केंद्र के प्रबंधक के अनुसार रिकॉर्ड की समीक्षा में स्वीकृत 69 पदों के मुकाबले अधिक लोगों को तैनात किए जाने की बात सामने आई। आरोप यह भी है कि ऐसे लोगों को भी तैनाती दी गई, जिनके नाम संस्था की ओर से भेजी गई 207 अभ्यर्थियों की सूची में शामिल नहीं थे। प्रबंधक बोले- हमारी सूची में से किसी का चयन नहीं हुआ सीएलसी प्रबंधक विजय कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि संस्था ने नियमानुसार 207 अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराई थी, लेकिन इनमें से चयन करने के बजाय स्वास्थ्य विभाग ने अपनी ओर से लोगों का चयन कर लिया। उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ बोले- पत्र मिला है, जानकारी कर बताएंगे सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि मामले से संबंधित पत्र उन्हें मिला है और उसे संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी नहीं है। जानकारी करने के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। डीएम के जवाब मांगने के बाद बढ़ी जांच की संभावना डीएम प्रियंका निरंजन ने मामले में सीएमओ से जवाब मांगा है। अब जांच में यह स्पष्ट होना है कि 69 स्वीकृत पदों पर कितनी तैनाती की गई, चयन किन अभ्यर्थियों का हुआ और तैनात किए गए लोगों के नाम मूल सूची में शामिल थे या नहीं।
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