8 किमी तक राममय हुआ आगरा का शमशाबाद:50 से ज्यादा झांकियों के साथ निकली राम बारात, जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा और आरती
आगरा के शमशाबाद की गलियों में गुरुवार को कहीं फूल बरस रहे थे, तो कहीं आरती की थालियों से प्रभु श्रीराम का स्वागत हो रहा था। घरों पर रंग-बिरंगी झालरें और दरवाजों पर बंदनवार सजाए गए थे। मौका था श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव-2026 की श्रीराम वरयात्रा का। पहली बार करीब 8 किलोमीटर का सफर तय कर शमशाबाद पहुंची राम बारात के स्वागत में पूरा ग्रामीण अंचल जनकपुर की तरह सज गया। 50 से अधिक झांकियों से सजी इस यात्रा में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता के रंग देखने को मिले। रास्ते में जगह-जगह पुष्पवर्षा और आरती के बीच जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। श्री मनःकामेश्वर ग्रामीण संस्थान, गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर, शमशाबाद रोड से शुरू हुई वरयात्रा का शुभारंभ विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने नारियल फोड़कर किया। उन्होंने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों की आरती उतारी। इसके बाद ऋषि वशिष्ठ के स्वरूप में विराजमान श्री महंत योगेश पुरी ने प्रभु के स्वरूपों को मेवा-मिष्ठान खिलाकर मंगल तिलक किया और वरयात्रा को जनकपुर के लिए विदाई दी। मठ प्रशासक हरिहर पुरी भी बारातियों और श्रद्धालुओं के साथ यात्रा में शामिल रहे। 50 से ज्यादा झांकियों में दिखी देश की सांस्कृतिक विविधता राम वरयात्रा में शामिल 50 से अधिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इनमें धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को प्रदर्शित किया गया। असम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की सांस्कृतिक झलक दिखाती झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। इनके जरिए भारतीय परंपराओं, राष्ट्रीय एकता और सनातन संस्कृति का संदेश दिया गया। यात्रा में ग्रामीण बालिकाओं का नौ देवियों के स्वरूप में सजना भी खास आकर्षण रहा। बालिकाओं ने अपने स्वरूपों के माध्यम से शक्ति, श्रद्धा और नारी सम्मान का संदेश दिया। कहीं आरती, कहीं पुष्पवर्षा से स्वागत शमशाबाद की ओर बढ़ती वरयात्रा के स्वागत के लिए लोगों ने घरों और गलियों को सजाया। मकानों पर बिजली की रंगीन झालरें लगाई गईं और दरवाजों पर रंगोलियां बनाई गईं। रास्ते में सैकड़ों स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय परिवारों ने आरती उतारकर प्रभु के दर्शन किए। कई जगह फूल बरसाकर बारात का स्वागत किया गया। पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। आज सुबह 11 बजे होगा तुलसी-शालिग्राम विवाह श्री मनःकामेश्वर मठ के प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे शमशाबाद स्थित शिव वाटिका में बनाए गए जनक महल में तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन होगा। इसके लिए परिसर को जनकपुर के स्वरूप में सजाया गया है और धार्मिक परंपराओं के अनुसार तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि राम वरयात्रा को पहली बार करीब 8 किलोमीटर की यात्रा कर शमशाबाद लाने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रामकथा की परंपरा का विस्तार करना और अधिक से अधिक लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना है।
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