एयरस्पेस बंद कर पाकिस्तान ने खुद के पैर पर मारी कुल्हाड़ी
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 27 अप्रैल 2025: पाकिस्तान द्वारा भारत के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने का फैसला अब उसी के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। राजस्व से लेकर अपनी राष्ट्रीय एयरलाइन तक, हर स्तर पर पाकिस्तान को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं भारत को भी कुछ आर्थिक झटके लगे हैं, लेकिन रणनीतिक लिहाज से पाकिस्तान का घाटा कहीं ज्यादा बड़ा साबित हो रहा है।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 27 अप्रैल 2025 ।
पाकिस्तान द्वारा भारत के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने का फैसला अब उसी के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। राजस्व से लेकर अपनी राष्ट्रीय एयरलाइन तक, हर स्तर पर पाकिस्तान को भारी नुकसान हो रहा है। वहीं भारत को भी कुछ आर्थिक झटके लगे हैं, लेकिन रणनीतिक लिहाज से पाकिस्तान का घाटा कहीं ज्यादा बड़ा साबित हो रहा है।
आइए जानते हैं कैसे पाकिस्तान ने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है:
पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान
1. हर दिन करोड़ों का घाटा
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पाकिस्तान अपने एयरस्पेस के जरिए हर दिन करीब $300,000 (₹2.5 करोड़) कमाता था।
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एयरस्पेस बंद होते ही यह कमाई एक झटके में बंद हो गई। हर गुजरते दिन के साथ पाकिस्तान का खजाना और खाली होता जा रहा है।
2. PIA की हालत खस्ता
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पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को भी बड़ा झटका लगा है।
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भारत का एयरस्पेस बंद होने से कुआलालंपुर, बैंकॉक जैसी उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
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इसका नतीजा — PIA को प्रतिदिन लगभग $450,000 (₹3.75 करोड़) का नुकसान।
पहले से घाटे में चल रही PIA अब और गहरे संकट में डूबती नजर आ रही है।
भारत पर असर, पर नियंत्रण में
1. उड़ान समय और लागत में इज़ाफा
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एयर इंडिया, इंडिगो जैसी भारतीय एयरलाइनों को अपने रूट बदलने पड़े हैं।
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उड़ान समय 1.5 से 3 घंटे तक बढ़ गया है, जिससे ईंधन लागत भी बढ़ी है।
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दिल्ली से न्यूयॉर्क जैसी लंबी उड़ानों को अब यूरोप में रिफ्यूलिंग के लिए रुकना पड़ रहा है।
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2025 में फिर 2019 जैसा आर्थिक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इस बार तैयारी बेहतर बताई जा रही है।
खुद ही फंसा पाकिस्तान
पाकिस्तान ने भारत पर दबाव बनाने के लिए एयरस्पेस बंद किया था, लेकिन इसका उल्टा असर खुद उस पर पड़ रहा है।
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करोड़ों का रोजाना घाटा,
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PIA की हालत और बदतर,
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अंतरराष्ट्रीय रूटों से बाहर होना —
यानी रणनीतिक और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर पाकिस्तान ने अपने ही पाँव में कुल्हाड़ी मार ली है।
वहीं भारत को भले ही थोड़ी मुश्किलें हो रही हों, पर लंबी अवधि में एयरलाइनों के वैकल्पिक रूट तैयार करने से नुकसान नियंत्रित किया जा रहा है।
अगला सवाल: पाकिस्तान कब तक इस नुकसान को झेल पाएगा? क्योंकि जितनी देर होगी, जख्म उतना ही गहरा होगा।