"एयर डिफेंस दो नहीं तो बर्बाद हो जाएंगे!" — भारत के मिसाइल हमले के बाद पाकिस्तान अमेरिका से हथियार मांगने
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 8 जून, 2025 । भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तबाही के बाद पाकिस्तान का असली चेहरा और उसकी कमज़ोरी एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके मंत्रियों ने खुद स्वीकार किया है कि भारतीय वायुसेना ने 80 फाइटर जेट्स से 400 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें कई ब्रह्मोस मिसाइलें भी शामिल थीं। इन मिसाइलों ने रावलपिंडी, नूर खान एयरबेस और पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान, 400 मिसाइलों के हमले का हवाला देकर गिड़गिड़ाया वॉशिंगटन में
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 8 जून, 2025 ।
भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तबाही के बाद पाकिस्तान का असली चेहरा और उसकी कमज़ोरी एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके मंत्रियों ने खुद स्वीकार किया है कि भारतीय वायुसेना ने 80 फाइटर जेट्स से 400 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें कई ब्रह्मोस मिसाइलें भी शामिल थीं। इन मिसाइलों ने रावलपिंडी, नूर खान एयरबेस और पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिका से हथियारों की भीख
इस हमले के बाद पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम और लड़ाकू विमान बेचने की गुहार लगाई है। पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा,
"अगर हमारे पास एयर डिफेंस नहीं होता तो हम मलबे में दब जाते। भारत ने जो तकनीक इस्तेमाल की, वह अत्याधुनिक थी। इसलिए हम अमेरिका से कह रहे हैं कि हमें वो तकनीकें दी जाएं, हम खरीदेंगे।"
शहबाज की कथनी और करनी में फर्क
गौर करने वाली बात यह है कि जिस वक्त पाकिस्तानी मंत्री अमेरिका में मदद मांग रहे थे, उसी समय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपनी जनता को भारत पर ‘फर्जी जीत’ का झूठा सपना बेच रहे थे। उन्होंने दावा किया था कि भारत सीजफायर के लिए मजबूर हुआ और पाकिस्तान विजेता रहा।
इस झूठ के सहारे उन्होंने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल तक घोषित कर डाला!
भारत की कूटनीतिक जीत
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत न केवल 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया, बल्कि 11 पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को भी ध्वस्त कर दिया। भारत ने इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी अमेरिका समेत अन्य देशों को देने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा, जिसकी अगुवाई कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी बिलावल भुट्टो की अगुवाई में अपनी टीम वॉशिंगटन और एक अन्य टीम मास्को भेजी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समर्थन नहीं मिला है।
भारत ने फिर किया बेनकाब
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद का संरक्षक साबित कर दिया है। वैश्विक दबाव के चलते पाकिस्तान खुद को ‘पीड़ित देश’ बताने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसके मंत्री और प्रधानमंत्री के विरोधाभासी बयानों ने उसे और शर्मिंदा कर दिया है।