ईरान युद्ध और तेल संकट के बीच पीएम मोदी-डोनाल्ड ट्रंप की होगी बड़ी मुलाकात, जी 7 सम्मेलन में दुनिया की नजरें
ईरान युद्ध और बढ़ते वैश्विक तेल संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले महीने फ्रांस में होने वाले जी 7 सम्मेलन के दौरान अहम मुलाकात हो सकती है। इस बैठक में तेल कीमतों, महंगाई, भारत-अमेरिका व्यापार और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बड़ी चर्चा होने की संभावना है।
दि राइजिंग न्यूज | 20 मई 2026
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगले महीने अहम मुलाकात हो सकती है। यह संभावित बैठक फ्रांस में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान होगी, जहां दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक संकटों पर चर्चा के लिए जुटेंगे। सूत्रों के अनुसार, फ्रांस के एवियन शहर में 15 से 17 जून के बीच आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष आमंत्रित नेता के रूप में शामिल होंगे। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।
क्यों अहम मानी जा रही है मोदी-ट्रंप की यह मुलाकात
यह बैठक ऐसे समय होने जा रही है जब दुनिया कई बड़े संकटों का सामना कर रही है। ईरान और मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है। ऐसे में अगर मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते हैं तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं और महंगाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत में ऊर्जा सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
16 महीने बाद आमने-सामने होंगे दोनों नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी मुलाकात फरवरी 2025 में अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में हुई थी। उस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई थी। हालांकि इसके बाद रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का फैसला किया था। इससे दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी दूरी देखने को मिली थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक माहौल बना है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह मुलाकात रिश्तों में नई मजबूती ला सकती है।
जी7 सम्मेलन में भारत की बढ़ती ताकत
हालांकि भारत जी7 समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के कारण भारत को लगातार इस मंच पर आमंत्रित किया जा रहा है। फ्रांस ने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भागीदारी की पुष्टि कर दी थी। फ्रांस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि भारत वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यही वजह है कि जी7 देशों के बीच भारत की मौजूदगी को बेहद अहम माना जा रहा है।
किन मुद्दों पर हो सकती है बड़ी चर्चा
मोदी और ट्रंप की संभावित बैठक में कई अहम वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें शामिल हैं:
- ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट की स्थिति
- कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
- भारत-अमेरिका व्यापार संबंध
- रक्षा सहयोग और सुरक्षा
- चीन की बढ़ती आक्रामकता
- वैश्विक महंगाई और सप्लाई चेन संकट
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा
बैठक आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों की नई दिशा तय कर सकती है।
दुनिया की नजरें रहेंगी इस बैठक पर
वैश्विक राजनीतिक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच होने वाली यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अमेरिका और भारत दोनों ही दुनिया की बड़ी ताकतें हैं और ऐसे समय में दोनों देशों के नेताओं की बातचीत का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।