31 मई को पाकिस्तान सीमा से लगे राज्यों में मॉक ड्रिल "ऑपरेशन शील्ड"
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 29 मई, 2025 । भारत सरकार ने पाकिस्तान सीमा से लगे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 31 मई 2025 को "ऑपरेशन शील्ड" के तहत दूसरे नागरिक सुरक्षा अभ्यास (2nd Civil Defence Exercise) का आयोजन करने का फैसला लिया है। पहले यह मॉक ड्रिल 29 मई को होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे दो दिन आगे बढ़ा दिया गया।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 29 मई, 2025 ।
भारत सरकार ने पाकिस्तान सीमा से लगे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 31 मई 2025 को "ऑपरेशन शील्ड" के तहत दूसरे नागरिक सुरक्षा अभ्यास (2nd Civil Defence Exercise) का आयोजन करने का फैसला लिया है। पहले यह मॉक ड्रिल 29 मई को होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे दो दिन आगे बढ़ा दिया गया।
यह अभ्यास जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात सहित उन सभी क्षेत्रों में किया जाएगा जो पाकिस्तान से सटे हुए हैं। इसका उद्देश्य है – सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों को युद्ध या आपात स्थिति में सतर्क रहने और सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में प्रशिक्षित करना।
मॉक ड्रिल का मकसद क्या है?
मॉक ड्रिल दरअसल एक तरह का पूर्वाभ्यास होता है जो यह सुनिश्चित करता है कि आपात स्थिति में नागरिक कैसे प्रतिक्रिया दें। यह अभ्यास खासतौर पर युद्ध या आतंकी हमले जैसे हालात में नागरिकों की भूमिका को स्पष्ट करता है।
गृह मंत्रालय ने नागरिक सुरक्षा नियम, 1968 की धारा 19 के तहत यह मॉक ड्रिल आयोजित करने का अधिकार प्रयोग किया है।
7 मई की ड्रिल में मिली थीं खामियां
7 मई को हुए पहले नागरिक सुरक्षा अभ्यास में कई खामियां पाई गई थीं, खासकर संवेदनशील इलाकों की तैयारी को लेकर। इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए 31 मई को यह दूसरा अभ्यास कराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पहली मॉक ड्रिल के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
इन संगठनों की होगी भागीदारी
इस मॉक ड्रिल में भाग लेंगे:
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सिविल डिफेंस वार्डन
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रजिस्टर्ड स्वयंसेवक
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एनसीसी (NCC)
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एनएसएस (NSS)
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नेहरू युवा केंद्र (NYKS)
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भारत स्काउट्स एंड गाइड्स
मॉक ड्रिल के दौरान क्या होगा?
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वॉर सायरन बजाए जाएंगे
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ब्लैकआउट की स्थिति बनाई जाएगी
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नागरिकों को सुरक्षित रहने के तरीके बताए जाएंगे
ब्लैकआउट के दौरान क्या करें, क्या नहीं
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घर या इमारत की कोई भी रोशनी बाहर से दिखाई न दे।
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रोशनी को मोटे कपड़े या अपारदर्शी सामग्री से ढकें।
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सजावटी या विज्ञापन लाइट बंद करें।
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गाड़ियों की हेडलाइट पर भूरे कागज या कार्डबोर्ड से ढकाव करें।
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हाथ में लिए जाने वाले लाइट्स को भी कवर करें।