वक्फ बोर्ड में फिलहाल नयी नियुक्ति नहीं, अगली सुनवाई 5 मई को

दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली |  वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि वक्फ बोर्ड में अगले सात दिनों तक किसी भी प्रकार की नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके साथ ही वक्फ प्रॉपर्टी के डिनोटिफिकेशन पर भी रोक लगा दी गई है।

वक्फ बोर्ड में फिलहाल नयी नियुक्ति नहीं, अगली सुनवाई 5 मई को

सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश – वक्फ बोर्ड में नई नियुक्तियों और प्रॉपर्टी डिनोटिफिकेशन पर फिलहाल रोक
दि राइजिंग न्यूज | नई दिल्ली | 

वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि वक्फ बोर्ड में अगले सात दिनों तक किसी भी प्रकार की नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके साथ ही वक्फ प्रॉपर्टी के डिनोटिफिकेशन पर भी रोक लगा दी गई है।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि फिलहाल बोर्ड में किसी भी नई नियुक्ति नहीं की जाएगी और डिनोटिफिकेशन से जुड़े कोई नए आदेश भी पारित नहीं होंगे। मामले की अगली सुनवाई 5 मई 2025 को होगी।

बुधवार को हुई पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र ने कोर्ट से आग्रह किया था कि अंतरिम आदेश देने से पहले उसकी दलीलों को सुना जाए। आज कोर्ट ने केंद्र की दलीलें सुनीं और सभी पक्षों की बात सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया।

बेंच ने वक्फ कानून के तीन प्रमुख प्रावधानों पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिसकी अगली सुनवाई में विस्तार से चर्चा होगी।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा, "विपक्षी दलों को डर है कि अगर यह कानून अमल में आ गया तो मुस्लिम समुदाय सच्चाई जान जाएगा और उन्हें राजनीतिक नुकसान होगा।"

वहीं इस मुद्दे पर याचिकाकर्ता अभिनेता विजय ने कोर्ट के आदेश पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, "हम वक्फ संशोधन अधिनियम, 2005 के खिलाफ हमारी याचिका पर आज के आदेश के लिए कोर्ट के अत्यंत आभारी हैं। सरकार अब तक उन असंवैधानिक प्रावधानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी।"

विजय की पार्टी भी इस मामले में पक्षकार है।

अब सभी की निगाहें 5 मई की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब सुप्रीम कोर्ट वक्फ एक्ट के कानूनी पहलुओं पर विस्तृत बहस करेगा।