कोरोना वेरिएंट्स: कितना बड़ा खतरा? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली | 26, मई 2025 । भारत में कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। INSACOG की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कोविड-19 के दो नए सब-वेरिएंट्स — NB.1.8.1 और LF.7 की पहचान हुई है। ये दोनों वेरिएंट ओमिक्रॉन के JN.1 वेरिएंट से जुड़े उप-प्रकार हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ये वेरिएंट्स अधिक संक्रामक जरूर हैं, लेकिन अब तक के डेटा से यह स्पष्ट है कि ये गंभीर बीमारी का कारण नहीं बन रहे।

कोरोना वेरिएंट्स: कितना बड़ा खतरा? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली | 26, मई 2025

भारत में कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। INSACOG की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कोविड-19 के दो नए सब-वेरिएंट्स — NB.1.8.1 और LF.7 की पहचान हुई है। ये दोनों वेरिएंट ओमिक्रॉन के JN.1 वेरिएंट से जुड़े उप-प्रकार हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ये वेरिएंट्स अधिक संक्रामक जरूर हैं, लेकिन अब तक के डेटा से यह स्पष्ट है कि ये गंभीर बीमारी का कारण नहीं बन रहे।

कौन हैं ये नए वेरिएंट्स?

  • NB.1.8.1 का मामला अप्रैल में तमिलनाडु से सामने आया।

  • LF.7 के चार केस मई में गुजरात में पाए गए।

  • इन वेरिएंट्स में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन पाया गया है, जो वायरस को शरीर की कोशिकाओं में तेजी से प्रवेश करने में मदद करता है।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

एम्स दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। JN.1 कोई नया वेरिएंट नहीं है और ये पहले भी भारत में देखा जा चुका है। उन्होंने कहा:

"यह वेरिएंट इम्यूनिटी को स्केप कर सकता है, लेकिन इसके लक्षण सामान्य जैसे सर्दी, खांसी, गले में खराश जैसे हैं। गंभीर केस दुर्लभ हैं। खास खतरा उन लोगों को है जो पहले से बीमार हैं — जैसे डायबिटीज, हार्ट की बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग।"

क्या दोबारा वैसी स्थिति आ सकती है?

नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि देश में वैक्सीनेशन और नेचुरल इम्यूनिटी के चलते हालात 2020-21 जैसे नहीं होंगे। भारत में 19 मई 2025 तक केवल 257 एक्टिव कोविड केस रिपोर्ट हुए हैं, जो आबादी के अनुपात में बहुत कम हैं।

WHO ने इन वेरिएंट्स को “Variants Under Monitoring” की श्रेणी में रखा है, यानी अभी ये खतरे के स्तर पर नहीं हैं।


जरूरी सावधानियां

  • भीड़भाड़ वाली जगहों में मास्क पहनें

  • नियमित रूप से हाथ धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें

  • बुखार, गले में खराश या खांसी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें

  • कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग बूस्टर डोज पर विचार करें


फिलहाल लॉकडाउन की कोई आशंका नहीं

सरकार और ICMR स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं। सभी राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है, खासतौर पर केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली में जहां मामूली बढ़ोतरी देखी गई है।

डॉ. गुलेरिया कहते हैं:

"जरूरी है कि बुजुर्ग और को-मॉर्बिड लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जारी रखना चाहिए — दो गज की दूरी, मास्क और साफ-सफाई की आदतें आगे भी सहायक रहेंगी।"