आगरा में खेरिया मोड़ पुल बंद करने पर हंगामा:जर्जर सड़क की मरम्मत कराई जा रही; तीन महीने तक बंद रहना है पुल
आगरा खेरिया मोड़ रेलवे पुल का पुनर्निर्माण होना है। इसके लिए रेलवे ने 13 अक्टूबर मंगलवार से पुल को तीन महीने बंद करने का आदेश दिया था। सूचना के बाद वैकल्पिक मार्ग पर जाम लग रहा है। समस्याओं को देखने के लिए बुधवार को स्थानीय विधायक जीएस धर्मेस मौके पर पहुंचे। इस दौरान बाजार कमेटी के लोगों ने विरोध किया। विरोध के चलते मौके पर पुलिस पहुंच गई। इसके बाद विधायक ने रेलवे अधिकारियों को फोन कर के बुलाया। और उनकी समस्या को दूर करने की बात कही। जहां रेलवे अधिकारियों ने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। वहीं दूसरी ओर वैकल्पिक मार्ग बारह खंभा पर अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। मार्ग पर नए पुल निर्माण को अभी रोक दिया। वाहनों के निकलने के लिए जर्जर सड़क को ठीक किया जा रहा है। बता दें कि रेलवे ने पुल बंद का आदेश जारी किया था, लेकिन लोगों के विरोध के चलते पुल को बंद नहीं किया जा सका है। स्थानीय निवासी ललित शर्मा ने बताया कि पुल बंद होने से लोगों की समस्या बढ़ जाएगी। लोगों का निकलना मुश्किल हो जाएगा। 500 मीटर में तीन फाटक हैं, जो कभी भी बंद हो जाते है। जिससे लोग घंटों तक जाम में फंसे रहेंगे। हजारों लोग सुबह काम के लिए इसी रास्ते से ऑफिस और बाजार के लिए जाते है। इससे 5 मिनट के रास्ते में लोगों को अपने गंतव्य तक लिए एक से दो घंटे तक का समय लगेगा। इसके अलावा सड़क टूटी पड़ी है। गड्ढे हो रहे हैं। धूल के गुबार उड़ रहे हैं। अगर तीन फाटक एक साथ बंद हाते हैं तो रात तक जाम की स्थिति बनी रहेगी। पूरा मामला पढ़ें…
आगरा शहर के खेरिया मोड़ रेलवे पुल का पुनर्निर्माण होना है। इसके चलते पुल को 90 दिन के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुल के बंद होते ही शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ रहा है। रेलवे विभाग को इस पुल का पुनर्निर्माण करना है। जब तक पुल बनकर तैयार नहीं होता, तब तक वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बारह खंभा मार्ग को खोल दिया है। जहां से वाहन निकल रहे है। रात में बंद, दिन में खोला
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, निर्माण कार्य के चलते पहले पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। लेकिन बंद होते ही शहर में भीषण जाम लग गया। जाम को देखते हुए फिलहाल पुल से जाने वाला रास्ता खोल दिया गया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि रात में इसे फिर से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब यह 90 दिन बाद ही पूरी तरह खुलेगा। जान जोखिम में डाल रहे लोग
फाटक बंद होने पर लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कई लोग जान जोखिम में डालकर बंद फाटक के नीचे से ही अपने दोपहिया वाहन निकालने को मजबूर हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बिना पूरी तैयारी के पुल बंद कर दिया है। अगर वैकल्पिक मार्ग को पहले ठीक कर लिया जाता तो आज जाम की ये स्थिति नहीं बनती। वैकल्पिक रास्ते पर तीन मुसीबतें
प्रशासन ने जो वैकल्पिक रूट दिया है, वह करीब एक किलोमीटर लंबा है। परेशानी यह है कि इस एक किलोमीटर की छोटी सड़क पर ही तीन रेलवे फाटक पड़ते हैं। अक्सर इनमें से कोई दो फाटक एक साथ बंद हो जाते हैं, जिससे लोग एक-एक घंटे तक जाम में फंसे रहते हैं। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि इसी वैकल्पिक मार्ग पर बारह खंभा-शाहगंज में नए पुल का निर्माण चल रहा है। निर्माण के चलते सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे हैं और धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे बारह खंभा मार्ग पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)