शिवाजी पार्क प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके और सीजेपी नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत
मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस थाने में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शिवाजी पार्क में प्रदर्शन और बड़ी भीड़ जुटाने का प्रयास किया गया। पुलिस पहले ही उच्च न्यायालय के आदेश और सरकारी निर्देशों का हवाला देते हुए प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति से इनकार कर चुकी थी।
दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 2 अक्टूबर 2026
मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। शिवाजी पार्क पुलिस थाने में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्पष्ट अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन और बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने का प्रयास किया गया।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर शिकायत
शिकायतकर्ता ने पुलिस के सामने आरोप लगाया है कि सीजेपी नेताओं ने शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की कोशिश की, जबकि इस स्थान पर प्रदर्शन को लेकर पहले से न्यायिक और प्रशासनिक प्रतिबंध लागू हैं। शिकायत में कहा गया है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद भीड़ जुटाने की कोशिश कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है।
उच्च न्यायालय के आदेश का दिया गया हवाला
शिकायत में बंबई उच्च न्यायालय के चार जनवरी 2013 के उस फैसले का हवाला दिया गया है, जो जनहित याचिका संख्या 116/2009 से संबंधित है। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आदेशों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि शिवाजी पार्क के उपयोग को लेकर इन निर्देशों में कुछ सीमाएं तय की गई हैं।
पुलिस ने पहले ही अनुमति देने से किया था इनकार
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस की ओर से इसके पीछे उच्च न्यायालय के आदेश, सरकारी निर्देश, शोर-प्रदूषण और बड़े जमावड़े की स्थिति में यातायात प्रभावित होने की आशंका जैसे कारण बताए गए थे। पुलिस ने अन्य स्थान पर प्रदर्शन के लिए अलग से आवेदन करने का रास्ता खुला रखा था।
शिकायत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दावे पर सवाल
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि अनुमति के अभाव में बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने की कोशिश को केवल शांतिपूर्ण विरोध का नाम नहीं दिया जा सकता। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस तरह की गतिविधि न्यायालय द्वारा तय प्रतिबंधों की अनदेखी करने जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। हालांकि, ये सभी बातें शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं और शिकायत दर्ज होना अपने आप में आरोपों के सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
सीजेपी का प्रदर्शन को लेकर रुख
सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की थी। संगठन की ओर से कहा गया था कि आंदोलन को आगे देश के अन्य हिस्सों तक ले जाया जाएगा। इससे पहले भी संगठन ने इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की थी।
आगे क्या होगा
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर पुलिस की अनुमति और न्यायालय के पुराने निर्देशों के बीच अब यह शिकायत जांच का विषय बन सकती है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर शिकायतकर्ता के आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
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