ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग, योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा हिरासत में
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग को लेकर एआईएसए ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए योगेंद्र यादव समेत 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 25 सितंबर 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही रोक दिया। आयोजकों के अनुसार, योगेंद्र यादव समेत 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
जंतर-मंतर पर एआईएसए का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन और जनसभा आयोजित की गई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन का संबंध विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों से बताया गया। प्रदर्शन में छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के मुख्य धरना स्थल तक जाने से रोक दिया गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद किया और इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
योगेंद्र यादव समेत 40 से ज्यादा लोग हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव समेत 40 से अधिक लोगों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग बसों में बैठाकर वहां से ले जाया गया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।रिपोर्टों के अनुसार, पहले छात्र और एआईएसए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के निर्धारित क्षेत्र तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया था।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से करीब 150 मीटर पहले रोकने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने एक-एक करके लोगों को हिरासत में लेना शुरू किया। महिला प्रदर्शनकारियों और छात्राओं को भी महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अलग बसों में ले जाया गया।प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। मौके पर दिल्ली पुलिस के साथ त्वरित कार्रवाई बल के जवान भी तैनात रहे। कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल के आसपास का क्षेत्र खाली करा दिया गया।
प्रदर्शन में कई प्रमुख लोग पहुंचे
प्रदर्शन में योगेंद्र यादव, अधिवक्ता प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और नंदिता नारायण समेत कई लोग पहुंचे। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य का नाम भी प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोगों में बताया गया।तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंची थीं। हालांकि, पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने से पहले वह वहां से निकल गईं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए और उनके पद से हटाए जाने की मांग की।
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध
प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने प्रक्रिया में खामियों का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब विपक्षी दल और विभिन्न नागरिक संगठन मतदाता सूची के प्रबंधन तथा विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं।हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक और नागरिक संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। इससे पहले भी विभिन्न संगठनों ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किए हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवाल
एआईएसए की ओर से आयोजित प्रदर्शन में चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई गई। संगठन का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हुई है।हालांकि, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों के साथ देखा जाना जरूरी है। वर्तमान में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों, नागरिक संगठनों और चुनाव आयोग के बीच अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
देशभर में बढ़ रहा विरोध
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस समेत कई संगठनों ने भी अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए। कांग्रेस ने राज्य स्तर पर चुनाव आयोग के कार्यालयों तक विरोध मार्च आयोजित करने का आह्वान किया था। दिल्ली में जंतर-मंतर पर एआईएसए का प्रदर्शन इसी व्यापक विरोध की कड़ी के रूप में सामने आया। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने हाल में मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े कुछ कार्यक्रमों को स्थगित किया है, जिनमें मेरठ और वाराणसी के मतदाता जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे।
मुख्य बातें एक नजर में
- स्थान: जंतर-मंतर, नई दिल्ली
- प्रदर्शन का नेतृत्व: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन
- मुख्य मांग: ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और इस्तीफा
- हिरासत में लिए गए: 40 से अधिक प्रदर्शनकारी, आयोजकों के अनुसार
- प्रमुख नाम: योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज समेत अन्य
- मुख्य मुद्दा: विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया
- पुलिस कार्रवाई: बैरिकेडिंग के बाद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
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