अखिलेश में इंसानियत है तो मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करें:गाजीपुर में राजभर बोले- मुसलमान कब तक साइकिल के कैरियर पर बैठकर चलेंगे

Oct 15, 2026 - 17:32
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अखिलेश में इंसानियत है तो मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करें:गाजीपुर में राजभर बोले- मुसलमान कब तक साइकिल के कैरियर पर बैठकर चलेंगे
गाजीपुर में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पूर्वांचल में बढ़ती सक्रियता को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे मरदह में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुस्लिमों का वोट तो लेते हैं, लेकिन उन्हें सत्ता में भागीदारी नहीं देते। राजभर ने कहा, “अगर अखिलेश यादव में थोड़ी भी इंसानियत है तो 2027 के विधानसभा चुनाव में मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करें।” राजभर ने कहा कि मुसलमान कब तक साइकिल के पीछे कैरियर पर बैठकर चलेंगे? उन्हें सीट पर बैठने का मौका क्यों नहीं दिया जाता? उन्होंने दावा किया कि ओवैसी मुस्लिम समाज को अपनी राजनीतिक ताकत पहचानने और रोजगार, नौकरी व सत्ता में हिस्सेदारी के लिए तैयार होने का संदेश दे रहे हैं। राजभर के मुताबिक, मुस्लिम समाज को सिर्फ चुनावी भीड़ बढ़ाने, भाषण सुनने और दरी बिछाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब ओवैसी अपनी राजनीतिक ताकत मजबूत कर लेंगे तो सपा को भी उनके साथ उनकी शर्तों पर समझौता करना पड़ेगा। राजभर ने दावा किया कि फिलहाल सपा की ओर से समझौते की कोशिश हो रही है, लेकिन आगे परिस्थितियां बदल सकती हैं। ‘आरोप लगाना आसान, साबित करना कठिन’ एसआईआर के जरिए वोट चोरी के आरोपों पर राजभर ने विपक्ष को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें साबित करना कठिन है। राजभर ने दावा किया कि जहूराबाद विधानसभा क्षेत्र में 10 हजार से अधिक नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें डुप्लीकेट और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के नाम शहर और गांव, दोनों जगह दर्ज थे। सत्यापन के बाद एक ही स्थान पर नाम रहने से मतदाता सूची में संख्या कम हुई है। बोले- 1952 से हो रहा मतदाता सूची का पुनरीक्षण मंत्री ने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम 1952 से होता आ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर हैं, जबकि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त बने करीब एक साल ही हुआ है। ऐसे में उनसे पहले हुए चुनावों में कथित गड़बड़ी के लिए उन्हें जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है? राजभर ने विपक्ष से चुनाव आयोग द्वारा वोट चोरी कराए जाने के आरोपों के प्रमाण पेश करने की मांग की। पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत पंचायत चुनाव तीन महीने के भीतर कराने के हाईकोर्ट के आदेश पर राजभर ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आदेश का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही वह इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। बोले- सुबह-सुबह सपा कार्यकर्ताओं को काम दे देते हैं अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हो रही चर्चा पर राजभर ने कहा कि वह सच बोलते हैं और सच के अलावा कुछ नहीं कहते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह सुबह-सुबह समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को काम दे देते हैं। साथ ही दावा किया कि वर्तमान सरकार में वैसी गतिविधियां नहीं होतीं, जैसी पहले कांग्रेस और अन्य सरकारों के समय होती थीं। अखिलेश को जहूराबाद से चुनाव लड़ने की चुनौती अखिलेश यादव को जहूराबाद से चुनाव लड़ने की चुनौती देने के सवाल पर राजभर ने कहा कि उन्होंने भी चुनौती दी है और वह चाहते हैं कि अखिलेश वहां से चुनाव लड़ें, ताकि मुकाबला हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि लड़ाई सभी 403 विधानसभा सीटों पर होगी। जंतर-मंतर पर दो युवा नेताओं की जोड़ी नजर आने के सवाल पर राजभर ने तंज कसते हुए कहा, “भैया, चार लड़के हैं, वहां दो ही हैं।” इसके बाद उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां पांच लोग हैं और चार को कंधे पर लादकर घाट तक पहुंचा देंगे। राम-रावण के प्रसंग से सपा पर निशाना सपा पर हमला बोलते हुए राजभर ने भगवान राम और रावण के प्रसंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि रावण का सिर कटने के बाद फिर निकल आता था। जब उसकी नाभि में अमृत होने की बात पता चली, तब वहां प्रहार करने से उसका अंत हुआ। राजभर ने कहा कि वह इसी तरह समाजवादी पार्टी के हृदय पर तीर चला रहे हैं, इसलिए पार्टी के नेता परेशान हैं।

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