अलीगढ़ में फौजी को ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार:रेलवे कर्मचारी बनकर वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने का झांसा दिया, 4 घंटे में पकड़ा गया
अलीगढ़ जंक्शन पर रेलवे कर्मचारी बनकर फौजी से ठगी करने वाले 66 वर्षीय आरोपी को जीआरपी ने घटना के महज चार घंटे में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने का झांसा देकर फौजी से 800 रुपए लिए थे। भरोसा दिलाने के लिए उसने फर्जी रेलवे आईकार्ड भी दिखाया था। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने स्टेशन परिसर में जांच शुरू की। आरोपी के मुसाफिरखाने में छिपे होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर-7 के सामने स्थित कमरा नंबर-25 में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से ठगी के 800 रुपए और फर्जी आईकार्ड बरामद हुआ। फौजी से टिकट कन्फर्म कराने के नाम पर लिए 800 रुपए हापुड़ के हाफिजपुर क्षेत्र के गांव चचोई निवासी देवेन्द्र सिंह मीणा ने 28 सितंबर को अलीगढ़ जीआरपी थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर एक व्यक्ति ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया। उसने फर्जी आईकार्ड दिखाकर वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने का भरोसा दिया और इसके बदले 800 रुपए ले लिए। रकम लेने के बाद आरोपी वहां से चला गया। तहरीर के आधार पर जीआरपी ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। मुसाफिरखाने के कमरे में मिला आरोपी जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के अलीगढ़ जंक्शन के मुसाफिरखाने में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर-7 के प्रवेश/निकास द्वार के सामने बने मुसाफिरखाने के कमरा नंबर-25 में दबिश दी। यहां से किशनपाल (66) पुत्र बुद्धसेन निवासी मोहल्ला हॉस्पिटल, गन्नौर, जिला संभल को सोमवार दोपहर करीब 2 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। 800 रुपए और फर्जी रेलवे आईकार्ड बरामद जीआरपी ने आरोपी के कब्जे से फौजी से लिए गए 800 रुपए और ठगी में इस्तेमाल फर्जी रेलवे आईकार्ड बरामद किया है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) बढ़ाई गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फर्जी आईकार्ड दिखाकर बनाता था भरोसा पुलिस के मुताबिक आरोपी रेलवे कर्मचारी होने का भरोसा पैदा करने के लिए फर्जी आईकार्ड दिखाता था। इसके बाद वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने का झांसा देकर यात्रियों से रकम लेता था। जीआरपी स्टेशन पर इस तरह यात्रियों को झांसा देने वालों पर निगरानी बढ़ा रही है। प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में महिला उपनिरीक्षक बरखा तोमर, हेड कांस्टेबल राजमणि, हेड कांस्टेबल वरुण कुमार, कांस्टेबल सचिन कुमार शर्मा, दिनेश कुमार और सुरजीत की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
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