अम्बेडकरनगर में शराब कंपनी के एजेंट ने हड़पे 84 लाख:गोदाम इंचार्ज समेत 14 पर केस, बिक्री के पैसे निजी खातों में जमा किए
अंबेडकरनगर में एक शराब कंपनी के एजेंट पर गोदाम इंचार्ज समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर कंपनी के 84 लाख 11 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने 30 सितंबर को एजेंट, उसके माता-पिता, भाई, पत्नी और गोदाम इंचार्ज समेत 14 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लखनऊ निवासी विकास जायसवाल की मेसर्स बिहाइव एल्कोहल कंपनी के पास अंबेडकरनगर में शराब वितरण का लाइसेंस है। राजेसुल्तानपुर निवासी अमित चंद्र कंपनी में एजेंट था। उसकी जिम्मेदारी शराब बिक्री से प्राप्त रकम कंपनी के खाते में जमा कराने की थी। कंपनी की ओर से लगाए गए आरोप के मुताबिक अमित चंद्र ने अपने भाई रविचंद्र, राहुल चंद्र, पिता गुलाब चंद्र, मां शीला देवी, पत्नी रिया गोस्वामी और गोदाम इंचार्ज अमन गौड़ समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर बिक्री की रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं की। आरोप है कि रकम रविचंद्र की फर्म मेसर्स रवि ट्रेडर्स के अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई गई। शिकायत के मुताबिक दुकानदारों को गुमराह कर अलग-अलग खातों में भुगतान कराया गया। रवि ट्रेडर्स के पंजाब नेशनल बैंक खाते में 37 लाख 7 हजार रुपये, एचडीएफसी बैंक खाते में 13 लाख 87 हजार रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में 6 लाख रुपये जमा होने की बात कही गई है। करीब 10 लाख रुपये नकद लेने का भी आरोप है। कंपनी ने गोदाम निगरानीकर्ता अमनदीप गौड़ और अमित चंद्र पर बिना बिल और गेट पास के शराब बेचने का भी आरोप लगाया है। आरोप है कि रजिस्टर में छेड़छाड़ की गई और कंप्यूटर पासवर्ड का गलत इस्तेमाल कर बिल बनाए और बाद में डिलीट किए गए। कंपनी के पार्टनर विकास जायसवाल के अनुसार 15 सितंबर से अमित चंद्र ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। उसके घर पहुंचने पर परिजनों ने कथित तौर पर रुपये लौटाने से इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई। राजेसुल्तानपुर थाना प्रभारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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