असिस्टेंट कमांडेंट की लाश से लिपटकर रोइ मां:अंबेडकरनगर में तिरंगे के साथ अंतिम संस्कार, जम्मू-कश्मीर में गोलीबारी में गई थी जान
अम्बेडकरनगर जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली क्षेत्र स्थित सेवा पावर प्रोजेक्ट में सीआईएसएफ शिविर में हुई गोलीबारी में बलिदान हुए असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव इब्राहिमपुर क्षेत्र के दौलतपुर एकसारा (मठिया) पहुंचा। शव पहुंचते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग जुटने लगे। हर आंख नम थी और माहौल गमगीन रहा। एनटीपीसी स्थित सीआईएसएफ बटालियन के जवानों ने शहीद अंकित कुमार पांडेय के पार्थिव शरीर को सलामी दी। इसके बाद सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आसपास के लोग शामिल हुए। देशसेवा में प्राण न्योछावर करने वाले अंकित को अंतिम विदाई देने के लिए गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पिता, पत्नी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल अंकित की शहादत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब 75 वर्षीय पिता शिव प्रकाश पांडेय और मां प्रमिला बेटे को याद कर बार-बार बेसुध हो रहे हैं। पत्नी प्रियंका का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बहनें योगेश्वरी, ललिता, नितेश्वरी, सुधा, सीमा और अंतिमा समेत पूरा परिवार गहरे सदमे में है। अंकित सेवानिवृत्त शिक्षक शिव प्रसाद पांडेय के पुत्र थे। वर्ष 2017 में उनका चयन सीआईएसएफ में उपनिरीक्षक पद पर हुआ था। वर्ष 2021 में विभागीय परीक्षा पास करने के बाद उन्हें असिस्टेंट कमांडेंट पद पर पदोन्नति मिली। करीब एक वर्ष से वह कठुआ के बसोली क्षेत्र स्थित जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा संभाल रहे थे। इससे पहले दिल्ली के भारत मंडपम में तैनात थे। अचानक हुई गोलीबारी में गई जान जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे सीआईएसएफ शिविर में जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर सरकारी राइफल से गोलीबारी कर दी। अचानक हुई फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह समेत चार जवानों की मौत हो गई।
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