अयोध्या में 43 आशाओं का 6 माह से प्रदर्शन शून्य:स्वास्थ्य विभाग हुआ सख्त, सेवा समाप्ति की तैयारी; DM ने दिए कार्रवाई के निर्देश
अयोध्या जिले में जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव के लिए प्रेरित करने वाली 43 आशाओं का प्रदर्शन पिछले छह माह से शून्य रहा है। अप्रैल से सितंबर तक इन्होंने एक भी प्रसव नहीं कराया है। ये आशाएं जिले के 10 विकासखंडों में तैनात हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 11 हैरिंग्टनगंज और 10 सोहावल ब्लॉक की हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया है और इन आशाओं के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग अब इनके कार्यक्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की संख्या और अस्पताल में हुए प्रसव की स्थिति की पड़ताल कर रहा है। देखा जा रहा है कि क्षेत्र में गर्भवती महिलाएं हैं और आशाएं उन्हें अस्पताल तक नहीं ला रही हैं या फिर काम में लापरवाही बरत रही हैं। जिले में कुल 2,232 आशाएं काम कर रही हैं। इनमें से 714 आशाओं ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पांच से अधिक प्रसव कराए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे बेहतर काम करने वाली आशाओं को सम्मानित करने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटोरिया ने बुधवार 30 सितंबर को बताया कि जिन आशाओं का प्रदर्शन शून्य है, उनसे जवाब तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और मातृ-मृत्यु दर को कम करना है, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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