अयोध्या में लेखपालों का धरना शुरू:मांगों को लेकर सभी तहसीलों में प्रदर्शन, 17 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के नेतृत्व में शनिवार को जिले की सभी तहसीलों में लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन कर रहे है। तहसील अध्यक्षों के नेतृत्व में लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारियों को सौंपकर लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करेंगे। संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। लेखपाल संघ ने ज्ञापन में कहा कि राजस्व प्रशासन की आधारशिला होने के बावजूद लेखपालों को बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति और अवकाश के दिनों में ड्यूटी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, राजस्व अभिलेखों के रखरखाव और आपदा प्रबंधन समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां लेखपाल निभाते हैं, लेकिन उनकी मांगों पर प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया है। संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने, अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने तथा चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की मांग शामिल है। संघ के अनुसार, स्थानांतरण के लिए 2025 में 2669 लेखपालों ने आवेदन किया था, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके अलावा नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने, स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये और विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है। लेखपालों को भूलेख कार्यालयों और पटलों से अवमुक्त करने, ग्राम सचिवालयों में बैठने के लिए जरूरी सुविधाएं व सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा लेखपाल पद को तकनीकी घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल देने की मांग भी उठाई गई। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 17 अक्टूबर से प्रदेशभर में संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन में आंदोलन के दौरान प्रशासनिक कार्यों और आमजन को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन और राजस्व परिषद पर डालने की बात कही गई है।
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