बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर डीएम सख्त:अफसरों की जवाबदेही तय होगी, टैक्स का 60% औद्योगिक क्षेत्रों के विकास पर होगा खर्च
कानपुर में उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं के निस्तारण को लेकर मंगलवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला उद्योग बंधु एवं जिला व्यापार बंधु की बैठक हुई। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं। इसी दौरान किदवई नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखा और उनके स्थायी समाधान की मांग की। व्यापारियों ने किदवई नगर में सीवर और जलभराव, पार्किंग, सार्वजनिक पेशाबघर, अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था के साथ CM ग्रिड परियोजना के कार्य को लेकर समस्याएं उठाईं। 40 दुकान में सड़क फाड़कर निकलता है सीवर का पानी किदवई नगर व्यापार मंडल ने बताया कि 40 दुकान क्षेत्र में थोड़ी सी बारिश होते ही वर्षों पुरानी सीवर लाइन के चैंबरों से सीवरयुक्त पानी सड़क को फाड़कर फव्वारे की तरह बाहर निकलने लगता है। इससे कुछ ही समय में सड़क पर भीषण जलभराव हो जाता है और आवागमन प्रभावित होने के साथ सड़क भी क्षतिग्रस्त होती है। व्यापारियों के मुताबिक, समस्या केवल 40 दुकान तक सीमित नहीं है। किदवई नगर बाईपास रोड पर हरे रामा हरे कृष्ण गेस्ट हाउस से थाना बाबूपुरवा के बीच कई चैंबरों से भी बारिश के दौरान सीवर का पानी फव्वारे की तरह बाहर निकलता है। व्यापारियों ने बताया कि करीब 50 वर्ष पहले डाली गई गहरी सीवर लाइन के चैंबर सड़क के कई स्तर बनने के कारण अब काफी नीचे दब चुके हैं। ऐसे में बारिश के दौरान सीवर का पानी सड़क के अलग-अलग हिस्सों से बाहर निकलता है। इससे करोड़ों की लागत से बनी सड़क भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो रही है। बार-बार शिकायत के बाद भी स्थायी समाधान नहीं व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि हर बार अस्थायी मरम्मत कर समस्या को टाल दिया जाता है। व्यापार मंडल ने जल निगम और नगर निगम से पुराने चैंबरों और सीवर लाइन की तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान कराने की मांग की। पार्किंग नहीं होने से ग्राहक परेशान व्यापारियों ने बताया कि किदवई नगर बाजार का लगातार विस्तार हुआ है और यह शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल है, लेकिन क्षेत्र में समुचित पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते ग्राहक सड़क किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर होते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ जाम की समस्या भी बढ़ती है। सार्वजनिक पेशाबघर की व्यवस्था सुधारने की मांग व्यापार मंडल ने किदवई नगर चौराहे पर सार्वजनिक पेशाबघर की व्यवस्था को भी बेहतर कराने की मांग की। व्यापारियों के मुताबिक, चौराहे पर दो सुलभ शौचालय हैं। पहले इनके बाहर निशुल्क पेशाबघर की व्यवस्था थी, जिसे बाद में हटा दिया गया। वहीं चौराहे के उत्तरी छोर पर नगर निगम की ओर से बनाया गया पेशाबघर व्यापारियों के मुताबिक कोठरीनुमा है और व्यवहारिक नहीं है। व्यापारियों ने इसे लोगों की सुविधा के अनुरूप विकसित कराने की मांग की। अतिक्रमण से जाम, यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग किदवई नगर में सड़क किनारे अतिक्रमण और यातायात नियंत्रण की कमी का मुद्दा भी व्यापारियों ने उठाया। उनका कहना है कि सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं और बाजार क्षेत्र में आए दिन जाम की स्थिति बनती है। व्यापार मंडल ने अतिक्रमण हटाने के साथ यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने और बाजार में बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की मांग की। त्योहार से पहले CM ग्रिड का काम पूरा कराने की मांग व्यापारियों ने CM ग्रिड परियोजना के कारण किदवई नगर में जगह-जगह खुदी सड़कों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि परियोजना के चलते बाजार का बड़ा हिस्सा प्रभावित है। आने वाले त्योहारों के सीजन को देखते हुए व्यापारियों ने मांग की कि परियोजना का काम जल्द पूरा कर सड़कों को आवागमन के लिए सुचारु किया जाए। डीएम बोले- देरी हुई तो विभागाध्यक्ष की तय होगी जवाबदेही जिला उद्योग बंधु एवं जिला व्यापार बंधु की बैठक में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण आख्या समय से उपलब्ध नहीं कराने वाले विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्या के निस्तारण के बाद संबंधित विभाग निस्तारण आख्या के साथ कराए गए कार्यों के फोटोग्राफ भी नोडल विभाग को उपलब्ध कराएं। किसी समस्या के समाधान में विभागीय समन्वय की जरूरत हो तो अधिकारी अगली बैठक का इंतजार न करें और मामला तत्काल उनके संज्ञान में लाएं। औद्योगिक क्षेत्रों के टैक्स का 60 प्रतिशत वहीं विकास पर खर्च होगा जिलाधिकारी ने अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि नगर निगम को हस्तांतरित जिन औद्योगिक क्षेत्रों में टैक्स की वसूली की जा रही है, वहां शासनादेश के अनुसार वसूले गए टैक्स का 60 प्रतिशत उसी औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च किया जाए। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने की बात कही गई। ₹10 लाख से अधिक के नगर निगम कार्यों की होगी एक साथ समीक्षा डीएम ने उपायुक्त (प्रशासन) को निर्देशित किया कि नगर निगम से संबंधित ₹10 लाख से अधिक लागत वाले सभी कार्यों के प्रकरण एक साथ संकलित कर नगर आयुक्त के संज्ञान में लाए जाएं, ताकि उन पर शीघ्र कार्रवाई हो सके। उन्होंने उद्यमियों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए वे किसी भी कार्यालय दिवस में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनता दर्शन में सीधे उनसे मिल सकते हैं। दादा नगर-विजय नगर सड़क की होगी मरम्मत बैठक में आईआईए की ओर से दादा नगर से विजय नगर जाने वाली क्षतिग्रस्त सड़क का मुद्दा उठाया गया। बताया गया कि जल निगम और मेट्रो के कार्यों के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को दोनों विभागों से समन्वय कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। वहीं पीआईए ने पनकी तिराहा साइट-1 में पैचवर्क नहीं होने और यूपीसीडा द्वारा कराए गए पैचवर्क की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को संबंधित कार्यों की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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