बदायूं में गोवंशों की मौत पर मंत्री का दौरा:पहले से चल रही कार्रवाई का ही ऐलान, व्यवस्था में खामियां
बदायूं में गोवंशों की मौत के मामले की जांच को पहुंचे पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह का दौरा गुरुवार को कार्रवाई और जवाबदेही से ज्यादा दिखावे की भेंट चढ़ गया। वजह है मंत्री ने उसी कार्रवाई की घोषणा की जो पहले से प्रक्रिया में है। जबकि गोवंशों की मौत का आंकड़ा भी खुलकर सामने लाने में अक्षम रहे। म्याऊं ब्लाक के अभिगांव और सलारपुर ब्लाक के ब्यौर गांव स्थित गौशाला में पिछले दिनों हुई भारी बारिश के दौरान 100 से अधिक गोवंश की मौत पर हाहाकार मच गया। मामला शासन तक पहुंचा तो गुरुवार को पशुधन मंत्री को यहां मौका मुआयना करने भेजा गया। बुधवार को प्रशासन दिन से लेकर पूरी रात तक व्यवस्था सुधारने में लगा रहा। डीएम अवनीश राय और सीडीओ गामिनी सिंगला लगातार मॉनिटरिंग करते रहे। जिम्मेदार अफसरों की निगरानी सफाईकर्मी लगाए गए, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराई गई और बेहतर चारे की व्यवस्था की गई। इतनी तैयारी के बाद भी गुरुवार को मंत्री के निरीक्षण में खामियां मिल गईं। जाहिर है कि अगर मंत्री के आने से पहले ही इतनी भागदौड़ करनी पड़ी, तो मौतों वाले दिन जिम्मेदार अफसरों की निगरानी किस स्तर की रही होगी। मंत्री के सामने ग्रामीणों ने भी अव्यवस्थाओं की शिकायतें रखीं। बीमार गोवंशों को दूसरी जगह भेजने और सड़क किनारे गाय पड़े होने की शिकायत तक सामने आई। दूसरी तरफ कार्रवाई के नाम पर मंत्री भी कोई नई इबारत नहीं लिख सके। BDO और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) की भूमिका की जांच और दोष मिलने पर कार्रवाई का ऐलान किया गया, जबकि स्थानीय प्रशासन इन दोनों के खिलाफ पहले ही जांच और कार्रवाई की लिखापढ़ी शुरू कर चुका था। जवाबदेही से ज्यादा दिखावे की कवायद कुल मिलाकर गोवंशों की मौत के बाद अफसर रातभर व्यवस्था सुधारते रहे, मंत्री ने आकर वही कमियां गिनाईं और कार्रवाई के नाम पर वही प्रक्रिया दोहरा दी गई जो पहले से चल रही थी। ऐसे में दौरा समाधान से ज्यादा खानापूर्ति और जवाबदेही से ज्यादा दिखावे की कवायद बनकर रह गया।
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