भाषा विश्वविद्यालय में गूंजा वंदेमातरम:एकात्म मानव दर्शन की प्रासंगिकता पर मंथन

Sep 26, 2026 - 15:06
0
भाषा विश्वविद्यालय में गूंजा वंदेमातरम:एकात्म मानव दर्शन की प्रासंगिकता पर मंथन
पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पं. दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ द्वारा अटल सभागार में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘आधुनिक वैश्विक परिदृश्य में एकात्म मानव दर्शन एवं वसुधैव कुटुंबकम् की प्रासंगिकता’ विषयक इस कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदेमातरम् गायन से हुई। संगोष्ठी में कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने वर्तमान दौर में एकात्म मानव दर्शन और वसुधैव कुटुंबकम् की उपयोगिता पर विचार रखे। मुख्य वक्ता संजय ने एकात्म मानव दर्शन को मनुष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वित विकास की अवधारणा बताया, जबकि विशिष्ट वक्ता देवकांत त्रिपाठी ने ‘व्यष्टि से समष्टि’ के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। शोधपीठ के निदेशक अंशुल पांडेय ने शोधार्थियों को दीनदयाल जी के विचारों पर शोध करने के लिए प्रेरित किया और विवि में ‘राष्ट्र धर्म’ की उपलब्धता की जानकारी दी। संचालन डॉ. नीरज शुक्ल ने किया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User