BHU में छात्राओं ने निकाला फ्रीडम मार्च:हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर लगाई आजादी आजादी का नारा, पुलिस और प्राक्टोरियल बोर्ड रही मौजूद
सोशल मीडिया पर इन दिनों चर्चित नारा ‘एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’ अब काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कैंपस तक पहुंच गया है। गुरुवार को महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, उत्पीड़न और असुरक्षा के विरोध में बीएचयू की छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर छात्राएं विश्वनाथ मंदिर से कैंपस स्थित पीएमसी चौराहे तक मार्च करते हुए पहुंचीं। इस दौरान छात्राओं ने जमकर नारेबाजी की और महिलाओं को पुरुषों के समान स्वतंत्रता और सुरक्षित माहौल देने की मांग उठाई। देखें तस्वीर… ‘रेपिस्ट को अंदर करो, लड़कियों को नहीं’ छात्राओं का कहना था कि जब महिलाओं के साथ कोई अपराध होता है तो अक्सर सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही, पहनावे, हॉस्टल से बाहर निकलने के समय और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर पाबंदियां बढ़ा दी जाती हैं। छात्राओं ने कहा कि अपराध रोकने की जिम्मेदारी पीड़ित महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने की नहीं, बल्कि अपराधियों पर कार्रवाई करने और सुरक्षित माहौल बनाने की है। फ्रीडम मार्च में छात्राओं के साथ दिखे छात्र दिशा छात्र संगठन के ध्रुव ने कहा - आज हम लोग बीएचयू के समस्त छात्र-छात्राएं यहां कैंपस में इकट्ठा हुए हैं। खास तौर पर देशभर में महिलाओं के खिलाफ लगातार हो रहे बर्बर अपराधों के विरोध में हम यहां एकत्र हुए हैं। चाहे वह जमुई की घटना हो, समस्तीपुर का मामला हो या दिल्ली में लगातार सामने आ रही दुष्कर्म की घटनाएं। इन तमाम स्त्री-विरोधी अपराधों के खिलाफ आज बीएचयू के छात्र-छात्राएं मिलकर मजबूती के साथ एक फ्रीडम मार्च निकालने जा रहे हैं। अपने कैंपस, अपने देश और इस दुनिया में छात्राएं अपने अधिकारों और अपने स्पेस को रिक्लेम करने के लिए यहां बीएचयू में इकट्ठा हुई हैं। हम इस पूरे मार्च के साथ मजबूती से खड़े हैं और इसके प्रति अपनी एकजुटता जाहिर करते हैं।
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