भूपेश बघेल के पूर्व पीए के घर ईडी की दबिश, सुबह-सुबह पहुंची टीम

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय ने सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक केके चंद्राकर का भिलाई स्थित आवास भी शामिल है। सुबह करीब छह बजे पहुंची टीम दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Sep 01, 2026 - 11:49
Updated: 1 month ago
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भूपेश बघेल के पूर्व पीए के घर ईडी की दबिश, सुबह-सुबह पहुंची टीम

दि राइजिंग न्यूज़ | छत्तीसगढ़ | 01 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई, भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के आवास पर सुबह-सुबह पहुंची टीम

छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने राज्य में सात अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक केके चंद्राकर उर्फ कृष्ण कुमार चंद्रवंशी का भिलाई स्थित आवास भी शामिल है।जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीम मंगलवार सुबह करीब छह बजे कई वाहनों से केके चंद्राकर के घर पहुंची। अचानक सुबह-सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों के पहुंचने से इलाके में हलचल बढ़ गई। घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह तलाशी किस विशेष मामले को लेकर की जा रही है।

घर में दस्तावेजों और जरूरी सामान की जांच

तलाशी अभियान के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य जरूरी सामान की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से कार्रवाई को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। यही वजह है कि इस तलाशी अभियान को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।केके चंद्राकर का नाम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ उनके कार्यकाल के दौरान जुड़ा रहा है। ऐसे में उनके आवास पर हुई प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तलाशी में क्या जानकारी या दस्तावेज सामने आए हैं।

छत्तीसगढ़ में सात ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है। एजेंसी की टीम छत्तीसगढ़ में कुल सात ठिकानों पर तलाशी ले रही है। अलग-अलग स्थानों पर चल रही इस कार्रवाई को लेकर फिलहाल जांच एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय की कई बड़ी कार्रवाइयां सामने आती रही हैं। करीब 12 दिन पहले रायपुर, दुर्ग, भिलाई और धमतरी में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में जांच एजेंसी ने कई स्थानों पर दबिश दी थी। ताजा कार्रवाई के बाद पुराने मामलों और उनसे जुड़े लोगों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

भूपेश बघेल से जुड़े पुराने मामलों की चर्चा फिर तेज

केके चंद्राकर के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय की तलाशी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े पुराने मामलों की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय जांच एजेंसी ने बघेल के राजनीतिक और प्रशासनिक दायरे से जुड़े कई लोगों के परिसरों पर कार्रवाई की है।हालांकि, वर्तमान तलाशी का किसी पुराने मामले से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी की ओर से इस कार्रवाई के पीछे की वजह स्पष्ट किए जाने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल कार्रवाई जारी है और अधिकारियों की जांच पर सबकी नजर बनी हुई है।

वर्ष 2023 में विनोद वर्मा और अधिकारियों के परिसरों पर हुई थी तलाशी

वर्ष 2023 में भी प्रवर्तन निदेशालय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और उनके दो विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली थी। उस समय जांच एजेंसी की कार्रवाई को कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और धन शोधन से जुड़ी जांच के संदर्भ में बताया गया था।उस कार्रवाई के दौरान भी भूपेश बघेल से जुड़े लोगों के परिसरों पर केंद्रीय एजेंसी की जांच को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई थी। अब केके चंद्राकर के आवास पर हुई नई कार्रवाई के बाद एक बार फिर छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

वर्ष 2025 में भूपेश बघेल के आवास पर भी हुई थी तलाशी

वर्ष 2025 में प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाले से जुड़े कथित धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास पर भी तलाशी ली थी। 18 जुलाई 2025 को हुई इस कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी ने उनके बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था।जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई कथित 2,100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में की गई थी। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है। हालांकि, वर्तमान में केके चंद्राकर के आवास पर हो रही तलाशी उसी मामले से जुड़ी है या किसी अन्य जांच से, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

केके चंद्राकर के घर कार्रवाई से उठे कई सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के आवास पर हुई इस कार्रवाई ने जांच के दायरे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सात स्थानों पर एक साथ तलाशी होने के कारण यह कार्रवाई जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की टीम दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। तलाशी पूरी होने और जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कार्रवाई का मुख्य आधार क्या है और जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

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