7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने सोना खरीदने और विदेश में खर्च करने से बचने, स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने तथा भारत में विवाह आयोजित करने की अपील की।
दि राइजिंग न्यूज | लखनऊ | 01 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध, आपूर्ति व्यवस्था में बाधा और आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने और गैर-जरूरी विदेशी खरीदारी से बचने की अपील की। उन्होंने विदेश में विवाह समारोह आयोजित करने के बजाय भारत में ही विवाह करने को बढ़ावा देने की बात कही। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए देशवासियों से विकास में योगदान देने का आह्वान किया।भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी अच्छी खबर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, आपूर्ति व्यवस्था में बाधा और महामारी के बाद की चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि पर प्रधानमंत्री ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि को देश की सामूहिक शक्ति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था का तेजी से आगे बढ़ना देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए देश के नागरिकों, श्रमिकों, किसानों, कारोबारियों और युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के पीछे 140 करोड़ देशवासियों की मेहनत और सामूहिक क्षमता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय दुनिया कई तरह की आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है। कई देशों में युद्ध की स्थिति है, जिसका असर वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। महामारी के बाद भी दुनिया की अर्थव्यवस्था पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है। इसके बावजूद भारत का लगातार आगे बढ़ना देश की मजबूत आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।
सोना खरीदने को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से गैर-जरूरी तरीके से सोना खरीदने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने खर्च और खरीदारी की आदतों पर ध्यान देना चाहिए। उनका संदेश था कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए धन का उपयोग ऐसे क्षेत्रों में किया जाए, जिससे देश के भीतर कारोबार और रोजगार को बढ़ावा मिले। उन्होंने लोगों से स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।प्रधानमंत्री के अनुसार, देश के नागरिक जब स्थानीय स्तर पर बने सामान खरीदते हैं तो उसका लाभ देश के छोटे कारोबारियों, कारीगरों और स्थानीय उद्योगों तक पहुंचता है। इससे देश के भीतर उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आम नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक ताकत बढ़ाने में नागरिकों की खरीदारी संबंधी आदतों का भी योगदान होता है।
विदेश घूमने और विदेश में शादी को लेकर भी अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेश यात्रा और विदेश में विवाह समारोह आयोजित करने को लेकर भी विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि लोग अपने बड़े समारोह और विवाह भारत में ही आयोजित करते हैं, तो इससे देश के कई कारोबारों को लाभ मिल सकता है। उन्होंने देश के भीतर होने वाले खर्च को अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी बताया।भारत में विवाह समारोह आयोजित होने से पर्यटन, होटल, खान-पान, कपड़ा, आभूषण, सजावट और परिवहन जैसे कई क्षेत्रों को काम मिलता है। बड़े विवाह समारोहों से स्थानीय कारोबारियों, कारीगरों और कामगारों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं। प्रधानमंत्री ने इसी सोच के तहत भारत में ही विवाह करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने की बात कही। इसे उन्होंने देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने से जोड़कर देखा।
स्थानीय वस्तुओं को बढ़ावा देने पर जोर
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उनका कहना था कि भारत में निर्मित वस्तुओं की खरीद से देश के छोटे और मध्यम कारोबारियों को मजबूती मिल सकती है। इससे स्थानीय उत्पादन बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है। आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए आम लोगों की भागीदारी को उन्होंने जरूरी बताया।प्रधानमंत्री का संदेश केवल सरकारी नीतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने नागरिकों की रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों को भी देश की प्रगति से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि देश के लोग जब सोच-समझकर खर्च करते हैं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देते हैं, तो उसका व्यापक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने स्वदेशी और स्थानीय वस्तुओं के इस्तेमाल पर जोर दिया।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि आज देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसका असर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने नागरिकों से देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने और लगातार मेहनत करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का संकल्प है।उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और नागरिकों दोनों को मिलकर काम करना होगा। देश की आर्थिक मजबूती के लिए उत्पादन, रोजगार, स्थानीय कारोबार और स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से केवल संकल्प लेने के बजाय उसे पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।
प्रधानमंत्री का संदेश क्यों है महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर चर्चा तेज है। 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि के आंकड़े को उन्होंने देश की क्षमता और नागरिकों की मेहनत से जोड़ते हुए भविष्य के लिए नए संकल्प लेने की बात कही। साथ ही उन्होंने घरेलू खर्च को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की। उनका जोर इस बात पर रहा कि देश के भीतर होने वाला खर्च स्थानीय कारोबार और रोजगार के लिए अधिक उपयोगी साबित हो सकता है।प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली आदतों को भी अपनाएं। उन्होंने आत्मनिर्भरता, स्वदेशी उत्पादों और भारत में विवाह जैसे विचारों को आर्थिक विकास से जोड़कर प्रस्तुत किया। उनका कहना है कि यदि देश के नागरिक सामूहिक रूप से इन प्रयासों में भाग लेते हैं, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को गति मिल सकती है।
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