बिना मंजूरी 10.29 करोड़ के काम कराने का आरोप:मैनपुरी में शिकोहाबाद-भोगांव फोरलेन प्रोजेक्ट में नियमों की अनदेखी; 3 पूर्व XEN पर FIR

Oct 02, 2026 - 09:35
0
बिना मंजूरी 10.29 करोड़ के काम कराने का आरोप:मैनपुरी में शिकोहाबाद-भोगांव फोरलेन प्रोजेक्ट में नियमों की अनदेखी; 3 पूर्व XEN पर FIR
मैनपुरी के शिकोहाबाद-भोगांव राज्य मार्ग-84 के फोरलेन चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण प्रोजेक्ट में नियमों की अनदेखी कर करीब 10.29 करोड़ रुपए के अतिरिक्त कार्य कराने का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में तीन पूर्व अधिशासी अभियंताओं को शासकीय दायित्वों के उल्लंघन और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने का दोषी पाया गया। इसके बाद तीनों के खिलाफ सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। 292.44 करोड़ की परियोजना में बिना स्वीकृति कराए अतिरिक्त काम वर्ष 2016 में शिकोहाबाद-भोगांव राज्य मार्ग-84 को फोरलेन करने और सुदृढ़ीकरण के लिए 292.44 करोड़ रुपए की परियोजना स्वीकृत हुई थी। परियोजना की शर्तों के अनुसार व्यय समिति के पूर्व अनुमोदन के बिना कोई नया या अतिरिक्त कार्य नहीं कराया जाना था। अतिरिक्त कार्य के लिए पुनरीक्षित वित्तीय स्वीकृति और धन आवंटन भी जरूरी था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना मूल प्रावधानों से इतर कई निर्माण कार्य करा दिए गए। इनमें पुलिया चौड़ीकरण, तटबंध और नाली निर्माण, मिट्टी का काम और नहरों पर पुल निर्माण शामिल थे। इन कार्यों के लिए स्वीकृत बजट से अतिरिक्त धनराशि की जरूरत थी, लेकिन आरोप है कि पुनरीक्षित वित्तीय स्वीकृति और धन आवंटन के बिना ही काम करा दिए गए। अनिल कुमार पर 7.99 करोड़ से अधिक के काम का आरोप मुख्य अभियंता अलीगढ़ क्षेत्र की विभागीय जांच में तत्कालीन अधिशासी अभियंताओं की जिम्मेदारी भी तय की गई है। तत्कालीन अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड अनिल कुमार पर करीब 7.99 करोड़ रुपए से अधिक के अनियमित कार्य कराने का आरोप है। जांच के मुताबिक इनमें करीब 2.96 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जबकि करीब 5.02 करोड़ रुपए की देनदारी बताई गई है। इसी तरह तत्कालीन अधिशासी अभियंता वीरेंद्र कुमार पर करीब 1.13 करोड़ रुपए के अनियमित कार्य कराने और पूरी धनराशि का भुगतान किए जाने की बात सामने आई है। वहीं निर्माण खंड तीन लोनिवि के तत्कालीन अधिशासी अभियंता अजय कुमार पर भी 1.17 करोड़ रुपए से अधिक के बिना बजट कार्य कराए जाने का आरोप है। भुगतान नहीं मिला तो ठेकेदार पहुंचे कोर्ट बिना बजट कराए गए कार्यों के भुगतान का मामला भी उलझ गया। काम कराने के बाद संबंधित ठेकेदारों को भुगतान नहीं मिला तो उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब अदालती कार्रवाई और अवमानना याचिका के चलते विभाग के सामने वित्तीय और कानूनी स्थिति भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। विभागीय स्तर पर कार्यों की स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग ने कहा- वित्तीय स्वीकृति जरूरी थी अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोनिवि अखिलेश्वर कुमार ने बताया कि परियोजना में अतिरिक्त कार्य कराने से पहले निर्धारित वित्तीय स्वीकृति और धन आवंटन जरूरी था। विभागीय जांच में नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद कार्रवाई के लिए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सीओ सिटी अशोक कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस विवेचना कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User