बिठूर में श्री रामधाम भागवत कथा:दत्तात्रेय के 24 गुरुओं की कथा सुनाई, गुरु के महत्व पर हुआ मंथन
कानपुर में श्री रामधाम बिठूर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत जयंती महोत्सव का समापन हुआ। सप्तम दिवस की कथा में कथा व्यास श्री अखिलेश मिश्र ने सुदामा चरित्र और नव योगेश्वर संवाद का भावपूर्ण वर्णन किया। इसके बाद उन्होंने दत्तात्रेय के 24 गुरुओं की कथा सुनाई और जीवन में गुरु के महत्व को समझाया। कथा व्यास ने कहा कि दीक्षा गुरु एक ही होता है, लेकिन शिक्षा गुरु की कोई निश्चित संख्या नहीं होती। जीवन में जिससे भी कुछ सीखने को मिले, वह हमारा गुरु है। उन्होंने कहा कि बिना गुरु के संसार में किसी का कार्य नहीं चलता। भगवान के अवतार लेने पर भी उन्हें संदीपन या वशिष्ठ जैसे गुरु की आवश्यकता होती है। इस अवसर पर डॉ. गोपाल कृष्ण त्रिपाठी ने श्रीमद्भागवत जयंती गान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पुष्पा त्रिवेदी, अश्वनी पाठक, अनूपदादा, मृदुल वाजपेई, श्री रामभद्र दास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आश्रम परिवार के लोग मौजूद रहे।
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