बलिया में गंगा-सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर:तटवर्ती गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, रास्तों पर पानी आने से नाव बनी सहारा
बलिया में गंगा और सरयू नदियां उफान पर हैं। दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ का पानी शहर के निचले इलाकों के साथ तटवर्ती गांवों में घुस गया है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सदर, बांसडीह और बैरिया तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शुक्रवार सुबह 8 बजे गायघाट गेज पर गंगा का जलस्तर 58.58 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 57.615 मीटर है। इस हिसाब से गंगा खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर बह रही है। सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। चांदपुर गेज पर शुक्रवार सुबह 8 बजे सरयू का जलस्तर 59.21 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 58.00 मीटर है। यानी सरयू खतरे के निशान से सवा मीटर से अधिक ऊपर बह रही है। बढ़ते जलस्तर के चलते तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सरयू तेजी से कर रही कृषि भूमि का कटान सरयू के बढ़ते जलस्तर के साथ कटान भी तेज हो गया है। नदी तेजी से कृषि भूमि को काट रही है। पांच दिन पहले सुल्तानपुर में कोयलावीर बाबा स्थल भी नदी में समा गया था। इससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। लगातार कटान के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों को अपनी जमीन और आसपास के इलाकों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। गांवों के रास्तों पर पानी, नावों से हो रहा आवागमन बाढ़ का पानी गांवों के रास्तों तक पहुंच गया है। कई स्थानों पर रास्ते जलमग्न होने से लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। शहर के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सदर, बांसडीह और बैरिया तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं।
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