बलरामपुर में 81 लाख के गेहूं गबन की जांच:PCF प्रबंधक का तबादला, सुल्तानपुर भेजे गए
बलरामपुर जिले में करीब 81 लाख रुपये मूल्य के 311 मीट्रिक टन गेहूं के गबन की जांच अभी मुकाम तक पहुंच भी नहीं पाई थी कि पीसीएफ प्रबंधक अश्वनी शुक्ल का गैर जनपद तबादला कर दिया गया। उनका स्थानांतरण सुल्तानपुर कर दिया गया है। अचानक हुए इस तबादले को लेकर विभागीय गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि गेहूं गबन जैसे गंभीर मामले की जांच के बीच प्रबंधक के तबादले से जांच की रफ्तार और दिशा पर क्या असर पड़ेगा अश्वनी शुक्ल के कार्यकाल में पीसीएफ के भगवानपुर खादर, कौवापुर और नचौरा-नचौरी क्रय केंद्रों पर गेहूं का स्टॉक कम मिलने का मामला सामने आया था। जिला प्रशासन के निर्देश पर पीसीएफ प्रबंधक की ओर से संबंधित केंद्र प्रभारियों और सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर भी जांच शुरू कराई गई थी। कौवापुर और नचौरा-नचौरी क्रय केंद्रों पर स्टॉक नहीं मिलने के बाद पीसीएफ प्रबंधक अश्वनी शुक्ल ने कौवापुर के सचिव एवं केंद्र प्रभारी श्रीप्रकाश सिंह और नचौरा-नचौरी के प्रभारी महेंद्र मणि तिवारी के खिलाफ तुलसीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं, भगवानपुर खादर क्रय केंद्र में गेहूं का स्टॉक गायब मिलने पर केंद्र प्रभारी आदर्श सिंह और सचिव श्रीप्रकाश सिंह के खिलाफ पचपेड़वा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। एफआईआर के बाद पुलिस और विभागीय स्तर पर जांच आगे बढ़ रही थी, लेकिन इसी बीच पीसीएफ प्रबंधक का तबादला हो गया। नया पीसीएफ प्रबंधक बनाया गया ऐसे में अब इस मामले की जांच को लेकर विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पीसीएफ के बाबू केपी यादव ने बताया कि अश्वनी शुक्ल का स्थानांतरण सुल्तानपुर कर दिया गया है। वहीं, अमेठी में तैनात रहे सुशील कुमार को बलरामपुर का नया पीसीएफ प्रबंधक बनाया गया है। अभी तक पदभार ग्रहण नहीं किया हालांकि, उन्होंने अभी तक पदभार ग्रहण नहीं किया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि जिस जांच की शुरुआत पुराने प्रबंधक के स्तर से हुई, उसकी अगली कड़ी नए प्रबंधक के आने के बाद किस तरह आगे बढ़ेगी।
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