बलरामपुर में राप्ती का जलस्तर 31 सेमी घटा:16 गांवों में अब भी असर, जलस्तर खतरे के निशान से 76 सेमी नीचे; प्रशासन की निगरानी जारी
बलरामपुर में राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर से परेशान जिलेवासियों के लिए शुक्रवार सुबह राहत की खबर आई। नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे राप्ती का जलस्तर 103.860 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 76 सेंटीमीटर नीचे है। गुरुवार शाम 7 बजे जलस्तर 104.170 मीटर था। इस तरह करीब 13 घंटे में नदी का जलस्तर 31 सेंटीमीटर नीचे खिसक गया। शुक्रवार को जिले में बारिश शून्य दर्ज की गई। राप्ती के उफान से जिले के 16 गांवों में जलभराव अथवा आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार नावों की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को गांवों में पहुंचकर फसल क्षति का आकलन करने और ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर घटा, लेकिन निगरानी जारी जलस्तर में लगातार गिरावट से प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि संवेदनशील और निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में राप्ती के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। राजस्व, बाढ़ नियंत्रण समेत संबंधित विभागों की टीमें फील्ड में सक्रिय हैं। राहत और पुनर्बहाली के काम जारी अतिवृष्टि के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्बहाली के काम जारी हैं। विद्युत आपूर्ति, आवागमन और अन्य जरूरी सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात पूरी तरह सामान्य होने तक प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी जारी रहेगी। नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील प्रशासन ने लोगों से राप्ती नदी, नालों और अधिक जलभराव वाले स्थानों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
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