बलरामपुर में सामूहिक विवाह समारोह में 234 जोड़े बने हमसफर:कुछ जोड़ों के समारोह में शामिल होने के बाद भी आएगी बारात

Oct 15, 2026 - 17:16
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बलरामपुर में सामूहिक विवाह समारोह में 234 जोड़े बने हमसफर:कुछ जोड़ों के समारोह में शामिल होने के बाद भी आएगी बारात
बलरामपुर के माया होटल में गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 234 जोड़ों का विवाह समारोह आयोजित किया गया। सरकार की इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता देना है, लेकिन समारोह में शामिल कुछ लाभार्थियों के बयानों से आयोजन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए। कुछ जोड़ों के परिवारों ने बताया कि सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के बावजूद उनकी पारंपरिक शादी नवंबर में तय है। ऐसे में समारोह में विवाह की औपचारिकता पूरी करने और परिवार की ओर से बाद में आयोजित होने वाले विवाह के बीच अंतर सामने आया। पंकज-नीलम की शादी 21 नवंबर को होगी रेहरा बाजार क्षेत्र के भगवानपुर निवासी पंकज वर्मा ने बताया कि उनकी शादी 21 नवंबर को होनी है। इसके बावजूद वह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी होने वाली पत्नी नीलम की मां रेखा देवी ने बताया कि दोनों का रिश्ता नौ महीने पहले तय हुआ था। बाद में उन्हें सरकारी योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने का फैसला किया। रेखा देवी के मुताबिक, समारोह में औपचारिकता पूरी की गई है, जबकि वास्तविक शादी 21 नवंबर को होगी। उस दिन बारात आएगी और पारंपरिक तरीके से विवाह संपन्न कराया जाएगा। अनुराधा की शादी के बाद नवंबर में फिर होंगी तैयारियां छटईडीह निवासी लीलावती ने बताया कि उनकी बेटी अनुराधा का विवाह भगवानपुर निवासी मनीष से तय हुआ है। सामूहिक विवाह समारोह में बेटी की शादी करा दी गई है, लेकिन परिवार नवंबर में दोबारा विवाह की तैयारियां कर रहा है। समारोह में मिला सामान भी बाद में होने वाली शादी के समय बेटी को दिया जाएगा। लाभार्थियों के इन बयानों से योजना के तहत विवाह की प्रक्रिया और परिवारों की ओर से बाद में किए जाने वाले पारंपरिक आयोजनों को लेकर सवाल उठे हैं। उपहार सामग्री और सहायता राशि पर भी चर्चा समारोह में लाभार्थियों को दी जाने वाली वैवाहिक उपहार सामग्री को लेकर भी सवाल उठाए गए। सूची में चांदी की बिछिया और पायल शामिल नहीं होने की बात सामने आई। इस पर समाज कल्याण अधिकारी राहुल गुप्ता ने कहा कि लाभार्थियों के बैंक खातों में 60 हजार रुपये के बजाय 64 हजार रुपये दिए जाएंगे। योजना के तहत प्रति जोड़े एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान बताया गया है। इसमें वधू के बैंक खाते में 60 हजार रुपये, 25 हजार रुपये की वैवाहिक उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये समारोह के आयोजन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाने की व्यवस्था है। नौ विकास खंडों और नगरीय निकायों के जोड़े हुए शामिल कार्यक्रम में बलरामपुर, हर्रैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा, उतरौला, रेहरा बाजार, गैण्डास बुजुर्ग और श्रीदत्तगंज विकास खंडों के लाभार्थी शामिल हुए। इसके अलावा नगर पालिका परिषद बलरामपुर तथा नगर पंचायत तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा और उतरौला के पात्र जोड़ों ने भी हिस्सा लिया। सदर विधायक पलटूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को सहायता दी जा रही है और सरकारी योजनाओं की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब परिवारों को बेटियों की शादी के लिए कर्ज लेना पड़ता था या मजदूरी करके पैसे जुटाने पड़ते थे। उनके मुताबिक, पहले शादी अनुदान के रूप में मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता को बढ़ाकर प्रति जोड़ा एक लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल रही है।

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