साले की हत्या में बहनोई समेत 4 को उम्रकैद:अलीगढ़ में घरेलू विवाद में गर्दन पर चाकू से वारकर मौत के घाट उतारा था, चार वर्ष पुराने हत्याकांड में कोर्ट का फैसला
रोरावर थाना क्षेत्र के तेलीपाड़ा में घरेलू विवाद के चलते रिजवान की गला रेतकर हत्या करने के मामले में अदालत ने उसके बहनोई राशिद व उसके दो भाइयों समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-6 की न्यायाधीश आराधना कुशवाहा ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए चारों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषियों में मृतक का सगा बहनोई राशिद, उसके दो सगे भाई फारूख और सलीम तथा राशिद का दोस्त शमशाद शामिल हैं। मामले में खास बात यह रही कि पुलिस ने विवेचना के दौरान शमशाद का नाम निकाल दिया था, लेकिन वादी पक्ष की अपील पर अदालत ने उसे दोबारा तलब किया और ट्रायल के बाद चारों को दोषी करार दिया।
पत्नी को घर से निकालने पर बढ़ी थी रंजिश
अभियोजन के मुताबिक, रिजवान की बहन इमराना का राशिद से प्रेम विवाह हुआ था। शादी के बाद राशिद इमराना के साथ मारपीट करने लगा। रिजवान ने कई बार उसे ऐसा करने से रोका, लेकिन विवाद नहीं थमा। घटना से करीब 25 दिन पहले राशिद ने इमराना को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। उसका बेटा अपने पास रख लिया था। इसके बाद इमराना मायके में रहने लगी। इसी बात को लेकर राशिद की रिजवान से रंजिश हो गई थी।
घर में घुसकर गर्दन पर चाकू से किया वार
13 फरवरी 2022 की रात करीब 9:30 बजे रिजवान अपने घर पर था। तभी राशिद अपने भाइयों फारूख और सलीम तथा दोस्त शमशाद के साथ वहां पहुंचा। अभियोजन के अनुसार, राशिद के हाथ में तमंचा और चाकू था। आरोप है कि फारूख, सलीम और शमशाद ने रिजवान को पकड़ लिया, जबकि राशिद ने उसकी गर्दन पर चाकू से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल रिजवान को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दोस्त का नाम निकाला, कोर्ट ने फिर बुलाया
मामले में शुरुआत में चारों को नामजद किया गया था। हालांकि, विवेचना के दौरान पुलिस ने शमशाद का नाम निकाल दिया। वादी पक्ष ने अदालत में उसे दोबारा तलब करने की अपील की। कोर्ट ने 25 अगस्त 2023 को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत शमशाद को तलब किया। इसके बाद मामले की सुनवाई में चारों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों पर विचार किया गया। अदालत ने राशिद, फारूख, सलीम और शमशाद को हत्या और मारपीट का दोषी ठहराया।
हत्या में उम्रकैद, आर्म्स एक्ट में भी सजा
अदालत ने चारों दोषियों को हत्या के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 323 के तहत छह महीने के कारावास की सजा भी सुनाई गई है। इसके अलावा राशिद को आयुध अधिनियम की धारा 4/25 के तहत एक साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर उसे एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी रविकांत शर्मा ने की।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)