ब्रह्मचर्य आराधना के साथ दसलक्षण महापर्व का समापन:वासुपूज्य भगवान को चढ़ाया मोक्ष लाडू, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

Sep 25, 2026 - 18:52
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ब्रह्मचर्य आराधना के साथ दसलक्षण महापर्व का समापन:वासुपूज्य भगवान को चढ़ाया मोक्ष लाडू, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कुरावली में शुक्रवार को दसलक्षण महापर्व का समापन हो गया। इस दौरान नगर के जैन मंदिरों में श्रद्धा और उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रम हुए। दसवें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा के लिए बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के साथ श्री आदिनाथ जिनालय और श्री पारसनाथ जिनालय में भी सुबह जिनेंद्र भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और पूजन विधि-विधान से किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा कर दसलक्षण महापर्व को पूरा किया। श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के स्वाध्याय भवन में मुरैना मध्य प्रदेश से आए निलेश जैन एंड म्यूजिकल ग्रुप ने संगीतमय पूजन और भक्ति कराई। धार्मिक गीतों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते दिखे। युवतियों ने डांडिया नृत्य भी किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। महापर्व के आखिरी दिन जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य का मोक्ष कल्याणक भी मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने खास पूजा-अर्चना कर भगवान को मोक्ष लाडू चढ़ाया। अनंत चतुर्दशी पर कई जैन श्रद्धालुओं ने व्रत जैसे धार्मिक नियमों का पालन करते हुए पूजा की। श्री ब्राह्मी विद्या आश्रम जबलपुर से आईं बाल ब्रह्मचारिणी चंद्रप्रभा दीदी और संध्या दीदी ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य का मतलब सिर्फ इंद्रियों पर काबू रखना नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धता के साथ आत्मा में लीन रहना है। उन्होंने समझाया कि सांसारिक मोह-माया से मन को दूर रखते हुए संयम, सदाचार और आत्मचिंतन की ओर बढ़ना ही उत्तम ब्रह्मचर्य की भावना है। उन्होंने यह भी कहा कि दसलक्षण महापर्व की दस दिनों की पूजा का मकसद धार्मिक क्रियाओं के साथ जीवन में आत्मशुद्धि और संयम को अपनाना भी है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालु आते-जाते रहे। पूजा-अर्चना के बाद भक्ति कार्यक्रमों में महिला, पुरुष और युवाओं ने जोश के साथ हिस्सा लिया। शांतिनाथ जिनालय में संगीतमय भक्ति के दौरान श्रद्धालुओं के साथ युवतियों ने डांडिया किया। धार्मिक गीत और जयकारों से मंदिर परिसर गूंजते रहे। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि दसलक्षण महापर्व के बाद भी धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहेगा। 27 सितंबर को नगर में वार्षिक भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इसके साथ ही क्षमावाणी पर्व और जलधारा का आयोजन भी किया जाएगा। रथयात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल होंगे। कार्यक्रम में अध्यक्ष मुकेश जैन, महामंत्री अभिषेक जैन, कोषाध्यक्ष अखिल जैन, निरीक्षक राजीव जैन, कुलदीप जैन, संरक्षक गिरीश जैन, सुनील जैन, सुशील जैन, सौरभ जैन, सचिन जैन, अवनीश जैन, मोनू जैन, नीलम जैन, सोनम जैन, आरोही जैन, मान्या जैन, सुमन जैन, सार्थक जैन, सारिका जैन, आरती जैन, चीकू जैन, सांची जैन और पर्व जैन समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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